फ्रांस के पूर्व नेवी पायलट पिएर-हेनरी शुएट को चीन को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने 2025 में भारत की राफ़ाल जेट्स की आलोचना की थी।
मुख्य बिंदु
- शुएट को चीन को रक्षा जानकारी देने का संदेह है
- वह 2018 और 2019 में बिना अनुमति के चीन की यात्रा कर चुके हैं
- जाँच जारी, शुएट न्यायिक पर्यवेक्षण में जारी
फ्रांस के पूर्व नौसैनिक पायलट पिएर-हेनरी शुएट को चीन को संवेदनशील सैन्य जानकारी प्रदान करने के आरोप में फ्रांसीसी न्यायालय ने हिरासत में ले लिया है। शुएट ने मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंधूर के दौरान राफ़ाल जेट्स के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए चीनी जेट्स की प्रशंसा की थी।
शुएट ने 2018 और 2019 में दो अनधिकृत यात्राएँ चीन की कीं, जहाँ उन्होंने दक्षिण अफ्रीका स्थित एक एयरोस्पेस कंपनी के माध्यम से चीनी पायलटों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। इस दौरान उन्होंने विमानवाहक पोत संचालन और उन्नत फ़्लाइट तकनीकें साझा कीं, जैसा कि फ्रांसीसी मीडिया सूत्रों ने बताया है।
फ़्रांस की प्रमुख गुप्त सूचना एजेंसी DGSI ने 20 जुलाई 2026 के आसपास शुएट के घर की तलाशी ली और उन्हें न्यायिक पर्यवेक्षण के तहत जारी किया। वह कई आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें विदेशी शक्ति को जानकारी देना, राष्ट्रीय रक्षा रहस्य उजागर करना और सूचना चोरी शामिल है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में कई पश्चिमी पायलटों पर चीन को सैन्य जानकारी प्रदान करने के आरोप लगे हैं। 2024 में संयुक्त राज्य और अन्य सहयोगी देशों ने चीन के रक्षा एजेंटों को प्रशिक्षित करने वाले कई मामलों की रिपोर्ट की थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताएँ बढ़ी हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यदि ऐसी जानकारी चीन के हाथों में पहुंचती है तो यह एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र की शक्ति संतुलन को बदल सकता है, जिससे भारतीय वायु सेना की रक्षा क्षमताओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।
"विमानवाहक पोत संचालन में जानकारी का लीक किसी भी राष्ट्र की रणनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है," ने रक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. शुएट पर किन आरोपों में मुकदमा चल रहा है?
उ: विदेशी शक्ति को रक्षा जानकारी देना, राष्ट्रीय रक्षा रहस्य उजागर करना, और सूचना चोरी।
प्र. क्या इस मामले का भारत-चीन संबंधों पर असर पड़ेगा?
उ: संभावित रूप से तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि यह सुरक्षा विश्वास को प्रभावित करता है।