इरोड जिला प्रशासन ने 22वें इरोड पुस्तक महोत्सव के दौरान एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। जिले के 519 स्थानों पर 2,06,760 प्रतिभागियों ने एक साथ बैठकर किताबें पढ़ीं।

मुख्य आकर्षण

  • इरोड जिले ने 'एक साथ सर्वाधिक पुस्तक पठन' के लिए विश्व रिकॉर्ड बनाया।
  • कुल 2,06,760 प्रतिभागियों ने 519 अलग-अलग स्थानों पर हिस्सा लिया।
  • यह आयोजन 22वें इरोड पुस्तक महोत्सव के हिस्से के रूप में किया गया था।
  • जिला कलेक्टर एस. कंडसामी को आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

तमिलनाडु के इरोड जिले ने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के प्रशासन ने 22वें इरोड पुस्तक महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशाल सामूहिक पुस्तक पठन कार्यक्रम के लिए एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Elite World Records) से मान्यता प्राप्त की है। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान, जिले के विभिन्न कोनों में हजारों लोग एक ही समय पर ज्ञान की दुनिया में खो गए।

शुक्रवार को इरोड कलेक्ट्रेट में आयोजित एक भव्य समारोह में, एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की निर्णायक ए. संगीता ने जिला कलेक्टर एस. कंडसामी को आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड प्रमाण पत्र सौंपा। यह रिकॉर्ड इस श्रेणी में दर्ज किया गया है: "विभिन्न स्थानों पर एक साथ किताबें पढ़ने वाले अधिकतम प्रतिभागी"।

आयोजन का विवरण

यह महत्वाकांक्षी प्रयास जिला प्रशासन और मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग और मक्कल सिंथानई परवई के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में पठन संस्कृति और पढ़ने की आदतों को बढ़ावा देना था। सुबह 9:30 बजे से 9:52 बजे के बीच, जिले के 519 स्थानों पर एक साथ पठन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली और कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर आयोजित कार्यक्रम केवल रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये डिजिटल युग में लुप्त होती 'पठन संस्कृति' को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। सामूहिक रूप से पढ़ना सामाजिक एकता और बौद्धिक विकास का प्रतीक है।

सामूहिक पठन की यह लहर न केवल साक्षरता दर को दर्शाती है, बल्कि एक जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आयोजकों ने सभी 519 स्थानों से दस्तावेजी साक्ष्य और वीडियो प्रमाण प्रस्तुत किए, जिसके बाद एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने इस उपलब्धि की पुष्टि की। इस अवसर पर कॉर्पोरेशन कमिश्नर अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक डी.वी. किरण श्रुति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इरोड जिला लंबे समय से अपनी सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। वार्षिक पुस्तक महोत्सवों का आयोजन यहाँ की एक परंपरा रही है, लेकिन इस वर्ष का आयोजन अपनी विशालता और रिकॉर्ड बनाने की क्षमता के कारण वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

क्या आप जानते हैं?: इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए केवल 22 मिनट का समय लिया गया, लेकिन इसमें शामिल हुआ जोश दशकों तक याद रखा जाएगा!

Frequently Asked Questions

1. यह विश्व रिकॉर्ड किस श्रेणी में बनाया गया है?
यह रिकॉर्ड "विभिन्न स्थानों पर एक साथ किताबें पढ़ने वाले अधिकतम प्रतिभागी" की श्रेणी में बनाया गया है।

2. इस कार्यक्रम में कुल कितने लोगों ने भाग लिया?
कुल 2,06,760 प्रतिभागियों ने इस महा-अभियान में हिस्सा लिया।