केरल के अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए आयोजित 'फाइल अदालत' के माध्यम से 4,970 लंबित फाइलों का निपटारा किया है। मंत्री के.ए. थुलसी ने बताया कि विभाग में लंबित फाइलों की संख्या को कम करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बातें
- 'फाइल अदालत 2026' के पहले चरण में 4,970 फाइलों का निपटारा किया गया।
- विभाग में कुल 52,759 फाइलें लंबित थीं।
- प्रशासनिक दक्षता और त्वरित सेवा सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की गई है।
- जल्द ही दूसरे चरण की फाइल अदालत आयोजित की जाएगी।
तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग द्वारा आयोजित 'फाइल अदालत 2026' के पहले चरण के तहत कुल 4,970 फाइलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है।
वelfare मंत्री के.ए. थुलसी ने इस महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा करते हुए बताया कि विभाग के पास पहले से ही 52,759 फाइलें लंबित थीं। इस 'फाइल अदालत' का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को अधिक कुशल बनाना और नागरिकों के लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करना था। यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग, बल्कि पिछड़ा वर्ग विकास विभाग और उससे जुड़े सभी निदेशालय एवं उप-कार्यालयों में लागू की गई है।
प्रशासनिक सुधार का महत्व
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी विभागों में लंबित फाइलों का अंबार अक्सर आम जनता के लिए बाधा बनता है। इस प्रकार की 'अदालतें' फाइलों के बोझ को कम करने और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी उपकरण साबित होती हैं।
प्रशासनिक दक्षता के लिए फाइलों का समय पर निपटारा करना केवल एक कार्य नहीं, बल्कि नागरिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता है।
मंत्री थुलसी ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई से शुरू हुए इस पहले चरण में प्रत्येक कार्यालय और अनुभाग में लंबित फाइलों और डाक मेल की सटीक पहचान की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चिकित्सा सहायता जैसे तत्काल मामलों वाली फाइलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में 'अदालत' या 'लोक अदालत' की अवधारणा का उपयोग लंबे समय से न्याय प्रणाली और प्रशासनिक कार्यों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए किया जाता रहा है, ताकि आम आदमी को लंबी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत मिल सके।
Frequently Asked Questions
1. फाइल अदालत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य लंबित फाइलों का त्वरित निपटारा करना और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना है।
2. क्या यह पहल केवल एक विभाग तक सीमित है?
नहीं, यह अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास विभागों सहित उनके सभी उप-कार्यालयों में आयोजित की जा रही है।