इंग्लैंड के सभी शहर क्षेत्रों के मेयरों को पहली बार आयकर का हिस्सा मिलेगा, जिससे स्थानीय सेवाओं पर नियंत्रण बढ़ेगा। योजना के विवरण अभी शेष हैं और शरद ऋतु के बजट में स्पष्ट किए जाएंगे।
मुख्य बिंदु
- मेयरों को आयकर और व्यापार दरों का हिस्सा मिलेगा
- सटीक प्रतिशत अभी तय नहीं, बजट में घोषित होगा
- विरोधी दलों ने विवरण की कमी की आलोचना की
एंडी बर्नहैम, प्रधानमंत्री, ने इंग्लैंड के सभी शहर क्षेत्रों के मेयरों को आयकर का हिस्सा देने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पेश किया। यह कदम वेस्टमिन्स्टर से शक्ति को स्थानीय नेताओं तक स्थानांतरित करने की उनकी व्यापक योजना का हिस्सा है।
साथ ही, मेयरों को अपने क्षेत्रों में संग्रहित व्यापार दरों का कुछ हिस्सा रखने की अनुमति दी जाएगी, जिससे आवास, परिवहन और कौशल विकास जैसी सेवाओं पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, कर का सटीक प्रतिशत अभी तय नहीं हुआ है; यह वित्त मंत्री जॉन हीली के शरदकालीन बजट में घोषित किया जाएगा।
विपक्षी पार्टियों ने इस योजना को अस्पष्ट बताया और कहा कि कमजोर आर्थिक क्षेत्रों को फंडिंग में नुकसान हो सकता है। बर्नहैम ने जवाब दिया कि यह पहल उनके "हर पोस्टकोड को शक्ति देना" के वादे को साकार करेगी, जिससे स्थानीय कर राजस्व समुदाय में ही रहेगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
परम्परागत रूप से, यूके में कर राजस्व का नियंत्रण अत्यधिक केंद्रीकृत रहा है; OECD के अनुसार, यूके में स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय करों का हिस्सा केवल 5.8% है, जो G7 में सबसे कम है। फ्रांस (20.4%), जापान (36%) और अमेरिका (45.7%) जैसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में यह अंतर बहुत बड़ा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that devolving tax revenue to metro mayors could stimulate regional economic growth and reduce dependence on Whitehall grants, reshaping the fiscal landscape of the UK.
"स्थानीय करों का पुनर्वितरण स्थानीय सरकारों को वित्तीय स्वतंत्रता देगा और आर्थिक असमानताओं को कम करेगा," कहा वित्त विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह।
| देश | स्थानीय कर संग्रह (%) |
|---|---|
| यूके | 5.8 |
| फ़्रांस | 20.4 |
| जापान | 36.0 |
| संयुक्त राज्य | 45.7 |
Frequently Asked Questions
मेयर को आयकर का कितना प्रतिशत मिलेगा? अभी तक सटीक प्रतिशत नहीं तय हुआ है; अनुमानित 2.5p प्रति £1 आयकर है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े बजट में घोषित होंगे।
क्या यह योजना छोटे शहरों को नुकसान पहुंचाएगी? विपक्षी दलों ने इस चिंता को उठाया है, जबकि सरकार ने समानता सुनिश्चित करने के लिए एक इकोलाइज़ेशन सिस्टम विकसित करने का कहा है।