केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 3,000 से अधिक अधिकारियों ने नए CAPF अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह कानून शीर्ष नेतृत्व पदों पर IPS अधिकारियों के वर्चस्व को बढ़ा सकता है, जिससे कैडर अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावित होगी।
मुख्य बातें
- 3,000 से अधिक CAPF अधिकारी नए कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
- याचिकाकर्ताओं में वीरता पुरस्कार विजेता और महिला अधिकारी शामिल हैं।
- नया कानून शीर्ष पदों पर IPS अधिकारियों के लिए कोटा निर्धारित करता है।
- अधिकारी इस कानून को असंवैधानिक बता रहे हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 3,000 से अधिक ग्रुप ए कैडर अधिकारियों ने CAPF (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका में वीरता पुरस्कार विजेता और महिला अधिकारी भी शामिल हैं, जो बल के भीतर भविष्य की नेतृत्व क्षमता को लेकर चिंतित हैं।
कानूनी संघर्ष का कारण
यह विवाद एक बड़े कानूनी टकराव का परिणाम है। मई 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय प्रकाश बनाम भारत संघ मामले में आदेश दिया था कि CAPF में IPS अधिकारियों की संख्या कम की जानी चाहिए और स्थानीय कैडर अधिकारियों को नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में नया कानून पारित कर उस निर्णय को प्रभावी रूप से पलट दिया है।
नया कानून क्या बदलता है?
नए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, CAPF में उच्च पदों पर IPS अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ जाएगा। कानून के तहत:
- इंस्पेक्टर जनरल (IG): 50% पद IPS अधिकारियों के लिए आरक्षित।
- अतिरिक्त महानिदेशक (ADG): कम से कम 67% पद IPS के लिए।
- DG और SDG: सभी पद अनिवार्य रूप से IPS अधिकारियों के लिए।
इससे पहले, ये नियुक्तियां कार्यकारी आदेशों के माध्यम से होती थीं, लेकिन अब इन्हें वैधानिक रूप दे दिया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल पदोन्नति का नहीं, बल्कि बल के भीतर 'कैडर बनाम डेप्युटेशन' की पहचान का है। यदि यह कानून बना रहता है, तो CAPF के अपने अधिकारी कभी भी बल के सर्वोच्च पदों तक नहीं पहुँच पाएंगे, जिससे बल के भीतर मनोबल और विशेषज्ञता पर गहरा असर पड़ सकता है।
यह कानून बल के भीतर एक 'कांच की छत' (Glass Ceiling) बना रहा है, जो स्थानीय अधिकारियों की प्रगति को स्थायी रूप से रोक सकता है।
Frequently Asked Questions
1. अधिकारी इस कानून को असंवैधानिक क्यों मान रहे हैं?
अधिकारियों का तर्क है कि अधिनियम की धारा 3 और 4 संविधान की मूल भावना के विरुद्ध हैं क्योंकि ये न्यायिक निर्णयों को दरकिनार कर सरकार को मनमाना अधिकार देते हैं।
2. इस विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?
मुख्य मुद्दा नेतृत्व के पदों पर CAPF कैडर के बजाय IPS अधिकारियों के बढ़ते प्रभुत्व को रोकना है।