2 अगस्त 2026 को रविवार के दिन श्रावण महीने के कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि का पंचांग प्रकाशित हुआ है। इसमें अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12:00‑12:54, राहु काल शाम 17:30‑19:11 और दिशा शूल पश्चिम निर्धारित किया गया है।

Key Takeaways

  • 2 अगस्त 2026 – रविवार, श्रावण मास, कृष्ण पक्ष
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00‑12:54
  • राहु काल: शाम 17:30‑19:11, दिशा शूल – पश्चिम

पंचांग का विस्तृत विवरण

आज का पंचांग बताता है कि 2 अगस्त 2026 को दिन रविवार होगा, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि से शुरू होकर पंचमी तिथि तक चलेगा। चंद्रमा पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में 21:37 बजे तक रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेगा। सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त का समय

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक है, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है। इस अवधि में नए व्यवसाय, विवाह या अन्य महत्वपूर्ण समारोह आयोजित करने की सलाह दी जाती है।

राहु काल और दिशा शूल

राहु काल शाम 17:30 बजे से 19:11 बजे तक है। इस समय में कोई भी नया कार्य शुरू करना हानिकारक माना जाता है। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, जिसका अर्थ है कि इस दिशा में यात्रा या कार्य करना टाला जाए।

Historical Background

पंचांग की परम्परा प्राचीन भारतीय ज्योतिषशास्त्र से आती है, जहाँ सूर्य और चंद्रमा की स्थितियों के आधार पर दैनिक समय-सारिणी तैयार की जाती है। अभिजीत मुहूर्त और राहु काल जैसी अवधारणाएँ वैदिक ग्रन्थों में वर्णित हैं और आज भी कई लोगों द्वारा महत्व दिया जाता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that millions of Indians rely on daily Panchang for planning personal and professional activities, making accurate timing essential for cultural and economic stability.

"अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्य करने से सफलता की संभावनाएँ काफी बढ़ जाती हैं," कहा ज्योतिषी प्रवीण मिश्र ने।
Did You Know?: 2026 में भारत में सबसे अधिक लोग डिजिटल पंचांग ऐप्स का उपयोग करेंगे, जिससे पारंपरिक ज्योतिष का डिजिटलकरण तेज़ हो रहा है।

Frequently Asked Questions

  1. क्या राहु काल में कोई भी कार्य करना हानिकारक है?
    सामान्यतः हाँ, इस समय में नई शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय से बचना बेहतर माना जाता है।
  2. अभिजीत मुहूर्त क्यों विशेष माना जाता है?
    यह समय सूर्य और चंद्रमा की विशिष्ट स्थितियों के कारण सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे शुभ कार्य सफल होते हैं।