ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वार्ता अंतिम चरण में है। दोनों देशों ने 'ट्रैफ़िक सेपरेशन स्कीम' के तहत एक नया मार्ग तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों को संतुलित किया जा सकेगा।

Key Takeaways

  • ओमान‑ईरान के बीच होर्मुज पर वार्ता अंतिम चरण में
  • ट्रैफ़िक सेपरेशन स्कीम के तहत नया नेविगेशन मार्ग प्रस्तावित
  • क्षेत्रीय तनाव कम करने और शिपिंग सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में कदम

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 2 अगस्त 2026 को कैबिनेट की बैठक में कहा कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वार्ता अब अंतिम रूप ले रही है। यह संकेत पिछले महीनों में बढ़ते तनाव के बाद दो देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है।

इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि किसी समझौते का उद्देश्य जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद या खुला करना नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के संप्रभु अधिकारों को सम्मानित करते हुए एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना है।

बघाई ने बताया कि ओमान‑ईरान 'ट्रैफ़िक सेपरेशन स्कीम' के तहत एक नया रास्ता तय करने पर कार्यरत हैं, जिससे शिपिंग ट्रैफ़िक को व्यवस्थित किया जा सकेगा और संभावित सैन्य टकराव की संभावना घटेगी। इस योजना में जहाज़ों को अलग‑अलग लेन में चलाने, रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल शामिल हैं।

Historical Background

होर्मुज जलडमरूमध्य ने दशकों से मध्य‑पूर्व की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार में रणनीतिक भूमिका निभाई है। 2019‑2021 के दौरान अमेरिकी‑ईरानी तनाव के कारण इस धारा में कई बार जहाज़ों को रोकने या सुरक्षा के लिए सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की घटनाएँ हुई थीं। 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी‑इज़राइल संयुक्त हमले के बाद तेहरान ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को कड़ा कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को जोखिम का सामना करना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a mutually accepted traffic‑separation scheme could de‑escalate one of the world’s most volatile choke points, safeguarding oil shipments worth billions of dollars and reducing the likelihood of accidental naval clashes.

"एक स्पष्ट नेविगेशन प्रोटोकॉल बिना किसी पक्ष की स्वायत्तता को छेड़े, समुद्री सुरक्षा को बढ़ा सकता है," कहते हैं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. राकेश मेहता।
Did You Know?: होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले तेल की मात्रा विश्व के कुल समुद्री तेल परिवहन का लगभग 20% है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या नया मार्ग मौजूदा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुरूप होगा?
उत्तर: हाँ, प्रस्तावित स्कीम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के ढांचे में तैयार की जा रही है।

प्रश्न 2: इस समझौते से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित शिपिंग मार्ग से तेल एवं व्यापारिक माल के प्रवाह में स्थिरता आएगी, जिससे आर्थिक असर सकारात्मक रहेगा।