कोरिया सरकार ने 1 अरब वोन से ऊपर की कीमत वाले आवासों पर अतिरिक्त कर लागू कर हाउसिंग बबल को ठंडा करने की योजना बनाई है। यह कदम निवेशकों और लक्ज़री खरीदारों को लक्ष्य बनाता है, जिससे बाजार में गिरावट की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- कोरिया सरकार 1 अरब वोन से ऊपर की कीमत वाले घरों पर अतिरिक्त 30% कर लगाएगी।
- यह कदम अटकल निवेशकों और लक्ज़री खरीदारों को लक्ष्य बनाता है।
- जुलाई 2024 से लागू, यह अति गरम आवास बाजार को ठंडा करने के उद्देश्य से है।
कोरिया के आर्थिक एवं वित्त मंत्रालय ने आज घोषणा की कि 1 अरब वोन (लगभग $800,000) से अधिक मूल्य वाले आवासों पर अतिरिक्त 30% कर लगाया जाएगा। यह नई कर नीति निवेशकों के अटकलात्मक खरीद को रोकने और देश के हाउसिंग बाजार को स्थिर करने के लिए तैयार की गई है।
नए कर में मौजूदा संपत्ति कर के साथ 30% अतिरिक्त दर लगेगी, जो दो साल में दो बार लागू होगी। इससे उच्च मूल्य वाले घरों की कुल कर बोझ लगभग 50% तक बढ़ जाएगी। सरकार ने कहा कि यह उपाय केवल निवेश-उन्मुख खरीद को लक्षित करेगा, न कि सामान्य गृहस्वामियों को।
वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया कि इस नीति के प्रभाव से घर की कीमतों में 5‑10% तक गिरावट आ सकती है, जबकि किराए की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है। कई रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने कहा कि यह कदम बाजार में ठंडक लाने की दिशा में सकारात्मक है, परन्तु निर्माण उद्योग पर दबाव भी डाल सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले पाँच वर्षों में कोरिया ने कई बार संपत्ति कर में बदलाव किए हैं, जिसमें 2020 में लक्ज़री घरों पर 20% अतिरिक्त कर लगाया गया था। हालांकि, उस कदम से कीमतों में अपेक्षित गिरावट नहीं आई, इसलिए इस बार सरकार ने कर दर को और बढ़ाया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि उच्च कर दरें अटकल निवेश को सीमित कर सकती हैं, जिससे दीर्घकालिक आवास उपलब्धता में सुधार की संभावना है, लेकिन साथ ही निर्माण कंपनियों की आय में गिरावट भी हो सकती है।
"नई कर व्यवस्था अटकल निवेश को रोक सकती है, पर निर्माण क्षेत्र पर असर पड़ सकता है," कहा डॉ. ली मिन‑हो, हाउसिंग मार्केट विश्लेषक।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह कर सभी खरीदारों पर लागू होगा?
उत्तर: नहीं, यह केवल 1 अरब वोन से अधिक मूल्य वाले निवेश-उन्मुख खरीदारों पर लागू होगा।
प्रश्न 2: नई कर नीति कब से प्रभावी होगी?
उत्तर: यह जुलाई 2024 से लागू होगी और दो साल में दो बार पुनः मूल्यांकन की जाएगी।