ट्रम्प प्रशासन के तहत ICE ने कम से कम दस हड़ताल करने वाले प्रवासियों को जबरन भोजन, इंट्रावेनस हाइड्रेशन और रक्त परीक्षण जैसी प्रक्रियाओं से गुजारने की योजना बनाई। अदालत के आदेशों के माध्यम से यह कदम लागू किया गया, जिसे मानवाधिकार समूह ने यातना बताया है।

मुख्य बिंदु

  • ICE ने कम से कम 10 भूख हड़ताल करने वालों को जबरन चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए अदालत के आदेश मांगे।
  • फोर्स‑फ़ीडिंग, इंट्रावेनस हाइड्रेशन और अनिच्छुक रक्त‑संकलन को अत्याचार माना गया।
  • बाइडन के दौर में भी समान प्रथा जारी रही, ट्रम्प के पुनःशासन में यह बढ़ा।

संयुक्त राज्य में प्रवासी हिरासत में रहने वाले कई लोग ख़राब परिस्थितियों और चल रहे कानूनी मामलों के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन के तहत, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने इन हड़ताल करने वालों को जबरन भोजन कराकर उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की, जैसा कि दि गार्डियन द्वारा जांची गई अदालत दस्तावेज़ों में दिखाया गया है।

जाँच के अनुसार, टेक्सास के पोर्ट इसाबेल, फ़्लोरिडा के क्रोम और वाशिंगटन के नॉर्थवेस्ट ICE केंद्रों में कम से कम तीन प्रवासियों को आठ महीने तक फोर्स‑फ़ीडिंग और दो महीने तक इंट्रावेनस हाइड्रेशन कराया गया। इन प्रक्रियाओं में नाक, इसोफ़ेगस और आंतरिक अंगों को गंभीर चोट पहुँच सकती है।

कई मामलों में हड़ताल करने वाले व्यक्तियों ने अदालत के आदेश मिलने से ठीक पहले ही अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जबरन चिकित्सा का डर प्रभावी रहा। इन सभी मामलों में प्रवासियों को कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे प्रक्रिया की वैधता पर प्रश्न उठते हैं।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

ICE द्वारा जबरन चिकित्सा का प्रचलन 2020 के चुनावी दौर से शुरू हुआ, जब बाइडन प्रशासन ने भी कम से कम दो मामलों में ऐसा किया था। 2024 में बाइडन के तहत कम से कम दस हड़ताल करने वालों को जबरन उपचार का सामना करना पड़ा, जिसमें दो मामलों में यह प्रक्रिया पूरी हुई। ट्रम्प के 2025 के पुनःशासन में प्रवासन की गिरफ्तारी में तीव्र वृद्धि के साथ यह प्रथा और भी व्यापक हो गई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that forced‑feeding in detention not only violates international human‑rights norms but also fuels anti‑immigrant sentiment, undermining the United States' reputation as a beacon of liberty.

“जबरन भोजन को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत यातना माना जाता है, और यह नीति अमेरिकी मूल्यों के विपरीत है,” कहा मानवाधिकार विशेषज्ञ डॉ. लिंडा मोरिंगा।
Did You Know?: 2022 में ICE ने पहली बार एक कोर्ट के आदेश के बिना किसी हड़तालकर्ता को फोर्स‑फ़ीड नहीं किया था।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या ICE को इन प्रक्रियाओं के लिए अदालत का आदेश लेना अनिवार्य है?
A1: हाँ, अदालत के आदेश के बिना फोर्स‑फ़ीडिंग जैसी अनिच्छुक चिकित्सा प्रक्रियाएँ अवैध मानी जाती हैं।

Q2: क्या हड़ताल करने वाले प्रवासी को कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं मिला?
A2: कई मामलों में, विशेषकर तेज़ी से जारी आदेशों में, detainees को वकील नहीं मिल पाया।