कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि सिद्दारामैया ने कैबिनेट शपथ समारोह नहीं किया क्योंकि वह अपने जन्मदिन के समारोह में व्यस्त थे। उन्होंने कांग्रेस में कोई भ्रम नहीं, सभी 138 विधायक योग्य हैं, यह भी कहा।

मुख्य बिंदु

  • सिद्दारामैया ने जन्मदिन के कारण कैबिनेट शपथ समारोह नहीं किया।
  • शिवकुमार ने पार्टी में कोई भ्रम नहीं, सभी विधायक योग्य हैं, कहा।
  • पार्टी ने अधूरे पोर्टफोलियो वाले नेताओं को धैर्य रखने का आह्वान किया।

बेंगलुरु – कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्दारामैया ने राज्य के कैबिनेट शपथ समारोह में भाग नहीं लिया क्योंकि वह अपने जन्मदिन की तैयारियों में व्यस्त थे। यह बयान तब आया जब मीडिया ने उनकी अनुपस्थिति पर कई प्रश्न उठाए थे।

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में कोई असहमति या भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने कैबिनेट को अंतिम रूप दे दिया है और सभी 138 विधायक पद के योग्य हैं। जो नेता इस बार नहीं आए हैं, उन्हें धैर्य रखना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन लोगों को शामिल करने की कोशिश करेगी जो अभी तक मंत्री नहीं बने हैं।

शिवकुमार ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया, जब उन्होंने सिद्दारामैया के पिछले कार्यकाल में कैबिनेट से बाहर रहने का सामना किया था, और उपमुख्यमंत्री जी. परमेेश्वर ने भी लगभग तीन साल तक मंत्रालय से दूर रहे थे। “अब मैं मुख्यमंत्री हूँ और वह उपमुख्यमंत्री; सबको धैर्य रखना चाहिए,” उन्होंने कहा।

कैवरी जल-साझा विवाद पर भी शिवकुमार ने तटस्थ रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया है, लेकिन कर्नाटक ने सभी पार्टी नेताओं के साथ चर्चा कर कानूनी सलाह के आधार पर कार्य किया है और CWMA के आदेशों का पालन कर रहा है।

शिवकुमार ने कांग्रेस नेता बी. नागेंद्र के खिलाफ भी पिछले मामलों का उल्लेख किया और कहा कि उनके खिलाफ भी केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने गायत्री शान्तेगोव्डा के नाम को सूची से हटाने को “तकनीकी समस्या” बताया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सिद्दारामैया ने 2013 से 2018 तक कर्नाटक के मुख्य मंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए। उनके कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर कई पहलें शुरू हुईं, लेकिन दलित और अन्य वर्गों के बीच असंतोष भी बढ़ा, जिससे 2018 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that maintaining intra‑party cohesion during cabinet formation is crucial for Karnataka’s political stability, especially ahead of upcoming state elections.

"राजनीतिक स्थिरता कर्नाटक में पारदर्शी कैबिनेट आवंटन पर निर्भर करती है," डॉ. अनन्या राव, राजनीतिक विश्लेषक ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: सिद्दारामैया इस वर्ष 70 वर्ष के हो रहे हैं, जो उन्हें राज्य के सबसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में से एक बनाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सिद्दारामैया की अनुपस्थिति पर अटकलें क्यों लगीं?
उत्तर: मीडिया ने सोचा कि यह कैबिनेट गठबंधन में असहमति या शक्ति संघर्ष का संकेत हो सकता है, लेकिन शिवकुमार ने इसे व्यक्तिगत कारण बताया।

प्रश्न 2: कैबिनेट में कितने विधायक शामिल हो सकते हैं?
उत्तर: कांग्रेस के अनुसार, सभी 138 विधायक मंत्री पद के योग्य हैं, लेकिन अंतिम चयन पार्टी के निर्णय पर निर्भर करता है।