जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होने जा रही है, जिसमें स्वतंत्र भारत में पहली बार जाति का विवरण दर्ज किया जाएगा। नई प्रश्नावली अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है।

मुख्य बातें

  • जनगणना 2027 स्वतंत्र भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
  • इस बार पहली बार सभी नागरिकों की जाति का विवरण दर्ज किया जाएगा।
  • प्रश्नावली में 28 प्रश्न होने की संभावना है, जिसमें पैकेज्ड वाटर और प्राकृतिक आपदाओं जैसे नए विषय शामिल हैं।
  • लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों में जनगणना का कार्य अगस्त से शुरू होगा।

भारत सरकार की आगामी जनगणना 2027 एक ऐतिहासिक मोड़ लेने वाली है। सूत्रों के अनुसार, जनसंख्या गणना (PE) चरण के लिए अंतिम प्रश्नावली अगले सप्ताह अधिसूचित की जा सकती है। यह कवायद न केवल डिजिटल होगी, बल्कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार व्यापक स्तर पर जाति गणना (Caste Enumeration) को भी शामिल करेगी।

इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की शुरुआत 17 अगस्त से लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों से होगी। शेष देश के लिए यह प्रक्रिया फरवरी 2027 में शुरू की जाएगी। हाल ही में किए गए परीक्षणों में देखा गया कि लोग अपनी जाति को 'ओपन कॉलम' में दर्ज कर रहे थे, जिससे डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सरकार नए दिशा-निर्देश तैयार कर रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जाति गणना का निर्णय भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है। अब तक, केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का ही विवरण लिया जाता था। व्यापक जाति डेटा से आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक न्याय के ढांचे को नया आधार मिल सकता है।

जाति गणना का डेटा भविष्य की नीति निर्माण और सामाजिक न्याय के वितरण में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।

नई प्रश्नावली में 28 प्रश्न होने की उम्मीद है। इसमें शिक्षा के स्तर के लिए विस्तृत कोड डायरेक्टरी का उपयोग किया जाएगा, न कि केवल स्व-घोषणा का। इसके अलावा, प्रवास (migration) के कारणों में 'प्राकृतिक आपदाओं' को भी शामिल किया जा सकता है, जो बदलती जलवायु परिस्थितियों को दर्शाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1931 की जनगणना में 4,147 जातियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद 2011 का सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) एक सर्वेक्षण के रूप में किया गया था, जिसमें 46 लाख से अधिक अलग-अलग जाति नाम सामने आए थे। सरकार ने उस डेटा को अविश्वसनीय माना था, लेकिन 2027 की जनगणना इसे एक औपचारिक और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से व्यवस्थित करने का प्रयास करेगी।

क्या आप जानते हैं?: जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी, जिससे डेटा संग्रह में मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. जनगणना 2027 की शुरुआत कब होगी?
लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों में यह 17 अगस्त से शुरू होगी, जबकि देश के अन्य हिस्सों में फरवरी 2027 में शुरू होगी।

2. क्या इस बार सभी जातियों की गणना होगी?
हाँ, यह स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना होगी जिसमें SC/ST के अलावा अन्य जातियों का भी विवरण लिया जाएगा।