कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में छात्रों के विरोध को लेकर विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र 25‑दिन तक भूख हड़ताल करेंगे तो लाठी चार्ज के बाद ही वह इस्तीफा देंगे। यह टिप्पणी बीजेपी‑सदस्यों और विपक्षी नेताओं में तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न कर रही है।

मुख्य बातें

  • खरगे ने विरोध करने वाले छात्रों को लाठी चार्ज का सामना करने की सलाह दी
  • विरोधी दल ने इस बयान को छात्र अधिकारों के प्रति अनादर बताया
  • मंत्रालय ने वीडियो को विकृत करने का आरोप लगाते हुए जांच का आदेश दिया

विवाद का प्रारम्भ

कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को छात्रों के विरोध पर तीखा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा, “अगर आप 25 दिन तक भूख हड़ताल करेंगे और फिर भी नियंत्रण नहीं होगा, तो हमें लाठी चार्ज करना पड़ेगा, उसके बाद ही मैं इस्तीफा दूँगा।” यह टिप्पणी बीजिंग के पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में irregularities के आरोपों के बाद आई।

परीक्षा में उत्पन्न विवाद

विक्टोरिया में आयोजित परीक्षा में कई उम्मीदवारों ने OMR शीट के क्रमांक और प्रश्नपत्र के क्रमांक में मेल नहीं होने का दावा किया। उन्होंने पुनः परीक्षा की मांग की, जबकि कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने कहा कि OMR शीट क्रमांक का मिलान अनिवार्य नहीं है और यह misinformation था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the minister’s remarks risk escalating student unrest and could influence public perception of the ruling party’s handling of recruitment transparency.

“Such confrontational language from a senior official can undermine democratic dialogue and fuel further protests.”
Did You Know?: कर्नाटक में 2022 में सबसे बड़े पुलिस भर्ती घोटाले में 1,200 से अधिक पदों पर अनियमित चयन हुआ था।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या प्रियांक खरगे ने वास्तव में छात्रों को लाठी चार्ज करने का आदेश दिया?

A: उन्होंने यह बयान विरोधी पार्टियों को चुनौती स्वरूप दिया, लेकिन उन्होंने सीधे छात्रों को लाठी चार्ज करने का आदेश नहीं दिया।

Q2: इस बयान के बाद क्या कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?

A: गृह विभाग ने वीडियो को विकृत करने का आरोप लगाते हुए संबंधित व्यक्तियों की जांच शुरू की है।