तमिलनाडु सरकार ने नए बजट में चेन्नई की ऐतिहासिक कूवम और अडयार नदियों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाने का संकल्प लिया है। सरकार वैश्विक टेंडर के माध्यम से इन नदियों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।
मुख्य बातें
- कूवम और अडयार नदियों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में लाने का लक्ष्य।
- नदियों को पर्यटन के लिए साफ करने हेतु वैश्विक टेंडर जारी किए जाएंगे।
- चेन्नई के लिए ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना जारी रहेगी।
- कावेरी-वैगई-गुंडर नदी जोड़ो परियोजना पर ₹150 करोड़ का आवंटन।
तमिलनाडु विधानसभा में पेश किए गए नए बजट में चेन्नई के जल प्रबंधन और नदी पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने घोषणा की है कि सरकार कूवम और अडयार नदियों को उनके मूल प्राकृतिक स्वरूप में बहाल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
सरकार की योजना इन नदियों को केवल साफ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें चेन्नई की पहचान बनाने की है। वित्त मंत्री ने दक्षिण कोरिया के सियोल के चोंगग्येचोन और सिंगापुर के कलंग नदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार इन नदियों को पर्यटन के लिए तैयार करेगी, जहाँ लोग नाव की सवारी (boat rides) का आनंद ले सकें। इसके लिए वैश्विक टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चेन्नई के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए नदियों का स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्षों से प्रदूषण का सामना कर रही ये नदियाँ न केवल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा हैं, बल्कि शहर के जल स्तर को भी प्रभावित करती हैं। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह चेन्नई के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी।
नदियों का पुनरुद्धार केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि चेन्नई की आर्थिक और सामाजिक पहचान को पुनर्जीवित करने का एक माध्यम है।
इसके साथ ही, सरकार ने ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना को भी बजट में स्थान दिया है। यह पाइपलाइन 2030-31 तक पूरी होने की उम्मीद है और यह चेन्नई के सभी प्रमुख पेयजल स्रोतों को आपस में जोड़ेगी, जिससे शहर की भविष्य की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
नदी पुनरुद्धार और जल परियोजनाएं
| परियोजना का नाम | मुख्य उद्देश्य | बजट/स्थिति |
|---|---|---|
| कूवम एवं अडयार पुनरुद्धार | प्राकृतिक स्वरूप और पर्यटन | वैश्विक टेंडर प्रक्रिया में |
| रिंग मेन पाइपलाइन | पेयजल वितरण में समानता | ₹3,108 करोड़ (2030-31 तक) |
| कावेरी-वैगई-गुंडर लिंक | नदी अंतर्संबंध | ₹150 करोड़ प्रारंभिक आवंटन |
इसके अलावा, राज्य सरकार ने नदी अंतर्संबंध (river interlinking) पहलों में तेजी लाने का भी वादा किया है। कावेरी-वैगई-गुंडर परियोजना इस वर्ष शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पेन्नैयार-चेय्यार जैसी अन्य परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु ₹50 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सरकार नदियों को कैसे साफ करेगी?
सरकार इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की मदद लेने के लिए वैश्विक टेंडर निकालेगी।
2. रिंग मेन पाइपलाइन का क्या लाभ है?
यह पाइपलाइन चेन्नई में पानी की आपूर्ति को निर्बाध और समान बनाएगी, जिससे भविष्य में पानी की किल्लत कम होगी।