तमिलनाडु सरकार 'एनीव्हेयर रजिस्ट्रेशन' सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे नागरिक अपने घर से ही कानूनी दस्तावेजों का पंजीकरण कर सकेंगे। वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने इस डिजिटल सुधार की घोषणा की है।
मुख्य बातें
- तमिलनाडु सरकार 'एनीव्हेयर रजिस्ट्रेशन' सुविधा शुरू करेगी।
- नागरिक अब घर बैठे संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीकरण कर सकेंगे।
- पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप नियमों में संशोधन किया जाएगा।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने बुधवार को विधानसभा में एक क्रांतिकारी घोषणा की। सरकार 'एनीव्हेयर रजिस्ट्रेशन' (Anywhere Registration) नामक एक नई सुविधा शुरू करने जा रही है, जो पंजीकरण विभाग में सुधार लाने के लिए सरकार के प्रयासों का एक आधार स्तंभ बनेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके घर की सुविधा से ही दस्तावेजों को पंजीकृत करने में सक्षम बनाना है।
संशोधित बजट अनुमान 2026-27 पेश करते हुए, मंत्री ने कहा कि सरकार पंजीकरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानती है। विभाग सार्वजनिक रिकॉर्ड के संरक्षक के रूप में कार्य करता है, और सरकार अब यह सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार कर रही है कि दस्तावेज़ों का पंजीकरण निर्बाध, सुविधाजनक और परेशानी मुक्त हो।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल आम जनता के समय की बचत करेगा, बल्कि संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता भी लाएगा। डिजिटल नवाचार को प्राथमिकता देकर, सरकार संपत्ति पंजीकरण को सहज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे निर्दोष संपत्ति खरीदारों को धोखाधड़ी वाले पंजीकरणों से बचाने में भी मदद मिलेगी।
डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणाली न केवल नौकरशाही की बाधाओं को कम करेगी, बल्कि संपत्ति लेनदेन में सुरक्षा की एक नई परत भी जोड़ेगी।
मंत्री ने आगे बताया कि चरणबद्ध तरीके से, पंजीकरण विभाग पूरी तरह से पेपरलेस और 'प्रेजेंस-लेस' (बिना उपस्थिति के) डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणाली में परिवर्तित हो जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी लेनदेन की कानूनी वैधता या प्रामाणिकता से कोई समझौता न हो। इसके लिए अधिनियम और नियमों में आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे जो सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों और अन्य अग्रणी राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप होंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पारंपरिक रूप से, संपत्ति पंजीकरण के लिए सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत उपस्थिति और ढेर सारे कागजी काम की आवश्यकता होती थी, जिससे अक्सर देरी और भ्रष्टाचार की संभावना बनी रहती थी। तमिलनाडु का यह नया डिजिटल मॉडल भारत के अन्य राज्यों के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या घर से पंजीकरण करने पर कानूनी वैधता कम हो जाएगी?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्रमाणीकरण के बाद भी लेनदेन की कानूनी वैधता और प्रामाणिकता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
2. क्या इसके लिए नए नियमों की आवश्यकता होगी?
हाँ, सरकार अधिनियम और नियमों में आवश्यक संशोधन लाएगी ताकि यह प्रणाली सुचारू रूप से काम कर सके।