कोझिकोड में भारी बारिश के बाद काक्कयम बांध के स्पिलवे गेट पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। जलाशय में पानी का प्रवाह कम होने और जल स्तर स्थिर होने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

मुख्य बातें

  • कोझिकोड के काक्कयम बांध के दोनों स्पिलवे गेट बंद कर दिए गए हैं।
  • पिछले चार दिनों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा था।
  • कुट्टियाडी नदी में पानी का बहाव अब पूरी तरह रुक गया है।
  • केएसईबी (KSEB) और आपदा प्रबंधन टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

केरल के कोझिकोड जिले में मानसून की भारी बारिश के बाद राहत की खबर आई है। गुरुवार (6 अगस्त) को दोपहर 3:40 बजे, काक्कयम बांध के दोनों स्पिलवे गेटों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। यह कदम जलाशय में पानी के प्रवाह में कमी आने और जल स्तर के स्थिर होने के बाद उठाया गया है।

बता दें कि रविवार (2 अगस्त) से बांध से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा था। भारी मानसूनी बारिश के कारण जलाशय का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था, जिसके बाद इंजीनियरों ने सुरक्षा के तौर पर दो स्पिलवे गेटों को 0.25 फीट (7.5 सेमी) तक खोल दिया था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, काक्कयम बांध कुट्टियाडी जलविद्युत परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बांध के गेटों का प्रबंधन न केवल बाढ़ को रोकने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह बिजली उत्पादन और क्षेत्रीय जल सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गेटों का अचानक बंद होना या गलत प्रबंधन निचले इलाकों में तबाही मचा सकता है।

जलाशय के स्तर की निरंतर निगरानी और नियंत्रित जल निकासी ही मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की कुंजी है।

हालांकि तत्काल बाढ़ का खतरा कम हो गया है, लेकिन कुट्टियाडी नदी के किनारे रहने वाले निवासियों और निचले इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहें, जब तक कि नदी का जल स्तर सामान्य नहीं हो जाता।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल के पहाड़ी इलाके अक्सर मानसूनी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का सामना करते हैं। काक्कयम जैसे बांधों का प्रबंधन राज्य की आपदा प्रबंधन रणनीति का एक अभिन्न अंग है, जो बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण के बीच संतुलन बनाए रखता है।

क्या आप जानते हैं?: काक्कयम बांध न केवल सिंचाई बल्कि कुट्टियाडी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य के पावर ग्रिड में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या अब बाढ़ का खतरा टल गया है?
उत्तर: तत्काल खतरा कम हो गया है, लेकिन नदी के किनारे रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रश्न 2: गेट क्यों खोले गए थे?
उत्तर: जलाशय के स्तर को सुरक्षित सीमा के भीतर रखने के लिए अतिरिक्त पानी निकालने के लिए गेट खोले गए थे।