तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गोदावरी-कावेरी-गुंडार नदी जोड़ो परियोजना को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह किया है। राज्य के दक्षिणी जिलों के लिए इसे बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए सीएम ने इसके लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) बनाने का भी प्रस्ताव दिया है।

मुख्य बिंदु

  • सीएम विजय ने पीएम मोदी से गोदावरी-कावेरी-गुंडार नदी जोड़ो परियोजना को प्राथमिकता देने की अपील की।
  • परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए 'राष्ट्रीय परियोजना' का दर्जा और एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) बनाने का प्रस्ताव दिया।
  • विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 भारतीय मछुआरों की त्वरित रिहाई की मांग की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महत्वाकांक्षी गोदावरी-कावेरी-गुंडार नदी जोड़ने की परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का औपचारिक अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि यह परियोजना तमिलनाडु के सतही जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक अवसर है। यह परियोजना विशेष रूप से राज्य के दक्षिणी जिलों में रहने वाले लोगों की पेयजल और सिंचाई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

वर्तमान योजनाओं और राज्य की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) ने पहले चरण के रूप में गोदावरी-पेन्नार-पालार-वेल्लार लिंक के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की है। हालांकि, यह प्रस्तावित संरेखण कावेरी नदी से कुछ किलोमीटर पहले ही समाप्त हो जाता है। इसलिए, राज्य सरकार चाहती है कि गोदावरी-कावेरी-गुंडार संरेखण को प्राथमिकता दी जाए।

परियोजना चरण / प्रस्तावदायरा और कवरेजमुख्य सीमा / लाभ
चरण 1 (NWDA द्वारा प्रस्तावित)गोदावरी - पेन्नार - पालार - वेल्लारयह महत्वपूर्ण कावेरी नदी से कुछ किलोमीटर पहले ही समाप्त हो जाता है।
सीएम की मांग (गोदावरी-कावेरी-गुंडार)गोदावरी - कावेरी - गुंडार लिंकदक्षिणी तमिलनाडु को सीधे पानी की आपूर्ति; 'राष्ट्रीय परियोजना' के दर्जे की मांग।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में अंतर-राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं अक्सर नौकरशाही की देरी और राज्यों के आपसी विवादों में फंस जाती हैं। केंद्र और संबंधित राज्यों की भागीदारी के साथ एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का प्रस्ताव देकर, सीएम विजय पारंपरिक लालफीताशाही को दूर करने के लिए एक आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस मॉडल पेश कर रहे हैं। 'राष्ट्रीय परियोजना' का दर्जा मिलने से इस विशाल परियोजना के लिए भारी केंद्रीय वित्तपोषण का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

"नदी-जोड़ना अब केवल एक इंजीनियरिंग लक्ष्य नहीं है; यह तमिलनाडु जैसे पानी की कमी वाले राज्यों के लिए जलवायु अनुकूलन की एक अनिवार्य आवश्यकता है।"

इसके साथ ही, क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनावों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी एक अलग पत्र लिखा है। उन्होंने रामनाथपुरम के 11 भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए जाने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने उनकी त्वरित रिहाई के लिए तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की और इन बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों को रोकने के लिए संयुक्त कार्य समूह (JWG) के माध्यम से द्विपक्षीय बातचीत को जल्द शुरू करने का आह्वान किया।

क्या आप जानते हैं?: भारत की नदियों को आपस में जोड़ने की अवधारणा सबसे पहले ब्रिटिश काल के दौरान सैन्य इंजीनियर सर आर्थर कॉटन द्वारा गंभीर सूखे से निपटने और नौवहन को आसान बनाने के लिए प्रस्तावित की गई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. तमिलनाडु के लिए गोदावरी-कावेरी-गुंडार परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह परियोजना गोदावरी बेसिन से अतिरिक्त पानी को मोड़कर तमिलनाडु के शुष्क दक्षिणी जिलों में पेयजल और सिंचाई के गंभीर संकट को दूर करने के लिए आवश्यक है।

2. इस संदर्भ में विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का क्या अर्थ है?
SPV केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा गठित एक समर्पित इकाई है, जो इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए केंद्रित फंडिंग और समय पर काम पूरा करना सुनिश्चित करेगी।