हसन जिले के बेलूर तालुक के हक्की पिक्की समुदाय की एक महिला आइवरी कोस्ट में गंभीर रूप से बीमार है। समुदाय के सदस्यों ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से उसे सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद करने की अपील की है।

मुख्य बातें

  • हक्की पिक्की समुदाय की महिला आइवरी कोस्ट में अस्पताल में भर्ती।
  • बीमारी के कारण महिला कोमा में है और चिकित्सा बिलों का भुगतान करना मुश्किल।
  • समुदाय ने मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

कर्नाटक के हसन जिले के बेलूर तालुक के अंगडीहल्ली गांव से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहाँ के हक्की पिक्की समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से एक महिला को आइवरी कोस्ट से सुरक्षित वापस लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, अंगडीहल्ली के रहने वाले सोमु और ज्योति नामक एक दंपति चार महीने पहले औषधीय पौधों के अर्क बेचने के उद्देश्य से आइवरी कोस्ट गए थे। यात्रा के दौरान 46 वर्षीय ज्योति की तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार की शिकायत के बाद उन्हें अबिजां (Abidjan) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी स्थिति बिगड़ते हुए वे कोमा में चली गईं।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यक्तिगत संकट नहीं है, बल्कि यह इस खानाबदोश जनजातीय समूह की आर्थिक असुरक्षा को भी दर्शाता है। हक्की पिक्की समुदाय के कई लोग आजीविका के लिए विदेशों में जड़ी-बूटियों का व्यापार करने जाते हैं, लेकिन उनके पास अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संकटों से निपटने के लिए पर्याप्त वित्तीय या कानूनी सुरक्षा कवच नहीं है।

'एक समुदाय की आजीविका के लिए किया गया अंतरराष्ट्रीय प्रवास, जब चिकित्सा आपातकाल में बदल जाता है, तो वह राज्य और केंद्र सरकार की कूटनीतिक जिम्मेदारी बन जाता है।'

कर्नाटक हक्की-पिक्की बुडाकाटू संघठन के अध्यक्ष आर. पुनीत कुमार ने मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। ज्योति के पति सोमु ने बताया कि उनके पास अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का भुगतान करने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हक्की पिक्की समुदाय एक खानाबदोश जनजातीय समूह है जो मुख्य रूप से कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में रहता है। वे पारंपरिक रूप से जड़ी-बूटियों और पौधों के अर्क के व्यापार के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण वे अक्सर विभिन्न देशों की यात्रा करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: हक्की पिक्की समुदाय अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और औषधीय पौधों के ज्ञान के लिए प्रसिद्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: ज्योति की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: ज्योति वर्तमान में आइवरी कोस्ट के अबिजां में एक अस्पताल में कोमा में हैं।

प्रश्न 2: समुदाय ने किससे मदद मांगी है?
उत्तर: समुदाय ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और भारत के विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है।