CBI की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि NEET परीक्षा के विशेषज्ञों ने चिट और याददाश्त का इस्तेमाल कर गोपनीय सवाल लीक किए। सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण ये आरोपी आसानी से सवाल बाहर ले जा सके।

मुख्य बातें

  • NTA के विशेषज्ञों ने चिट और याददाश्त का इस्तेमाल कर सवाल लीक किए।
  • सुरक्षा में चूक: 'कॉन्फिडेंशियल सेक्शन' से निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी नहीं ली गई।
  • CCTV निगरानी कक्ष की कमी के कारण चोरी पकड़ी नहीं जा सकी।
  • आरोपियों ने विशेष कोचिंग क्लास आयोजित कर छात्रों को लीक सवाल बताए।

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हालिया जांच ने NEET (UG) पेपर लीक मामले में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञों ने परीक्षा के गोपनीय प्रश्नों को बाहर निकालने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए। इनमें से एक विशेषज्ञ ने कागज की छोटी चिटों पर सवाल लिखकर उन्हें छिपा लिया, जबकि अन्य दो ने प्रश्नों को याद किया और अपने होटल के कमरों में जाकर उन्हें लिखा या NCERT की किताबों में संबंधित पैराग्राफ चिह्नित किए।

सुरक्षा में बड़ी चूक

CBI की रिपोर्ट के अनुसार, यह सब इसलिए संभव हो सका क्योंकि NTA कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित 'कॉन्फिडेंशियल सेक्शन' (गोपनीय अनुभाग) से निकलते समय विशेषज्ञों की कोई तलाशी (Frisking) नहीं ली गई थी। इसके अलावा, उस क्षेत्र में सीसीटीवी लाइव फीड की निगरानी के लिए कोई समर्पित कंट्रोल रूम भी मौजूद नहीं था। इस सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से डेटा चोरी करने में सफल रहे।

विशेषज्ञों ने सुरक्षा के बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को खतरे में डाल दिया।

BozokMedia विश्लेषण: सिस्टम की विफलता

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल कुछ व्यक्तियों की धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह संस्थागत सुरक्षा तंत्र की एक बड़ी विफलता है। जब परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के भीतर ही विशेषज्ञ सवाल लीक करने के लिए स्वतंत्र हों, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठना लाजमी है।

आरोपियों की कार्यप्रणाली

CBI ने दिल्ली की एक फास्ट-ट्रैक अदालत में दाखिल चार्जशीट में तीन प्रमुख विशेषज्ञों की पहचान की है: मनीषा मंढारे (जीव विज्ञान), प्रल्हाद विठलराव कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), और मनीषा संजय हलवर (भौतिकी)।

जांच के अनुसार, कुलकर्णी ने रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों को संक्षिप्त रूप में चिटों पर लिखा और सह-आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं, जहाँ छात्रों को सही उत्तर बताए गए। इसी तरह, मंढारे ने बॉटनी और जूलॉजी के लिए अनुवाद के दौरान महत्वपूर्ण पैराग्राफ को चिह्नित किया और पुणे स्थित अपने घर पर कोचिंग दी।

क्या आप जानते हैं?: पेपर लीक मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाना कठिन होता है, इसलिए CBI को इस मामले में केवल 20-25 दिनों के ही सीसीटीवी फुटेज मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. NEET पेपर लीक में मुख्य आरोपी कौन हैं?
CBI ने मनीषा मंढारे, प्रल्हाद विठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय हलवर सहित 13 लोगों को नामजद किया है।

2. विशेषज्ञ सवाल कैसे बाहर ले जा रहे थे?
वे या तो कागज की चिटों पर लिखकर छिपा रहे थे या फिर प्रश्नों को याद करके होटल के कमरों में जाकर लिख रहे थे।