केंद्रीय राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने 'अमरावती चित्रकला वीधि' के उद्घाटन के दौरान कला को संस्कृति का प्रतिबिंब और इतिहास का प्रमाण बताया। गुंटूर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 800 कलाकार भाग ले रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कला को समुदायों से जोड़ने पर जोर दिया।
- गुंटूर के कोरीटापाडु में 'अमरावती चित्रकला वीधि' का भव्य आयोजन।
- लगभग 800 कलाकार विभिन्न क्षेत्रों से पेंटिंग और मूर्तिकला प्रदर्शित कर रहे हैं।
- कला को दीर्घाओं से बाहर निकालकर आम जनता तक पहुँचाने की आवश्यकता।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री, पेम्मासानी चंद्र शेखर ने शनिवार को गुंटूर के कोरीटापाडु में आयोजित दो दिवसीय 'अमरावती चित्रकला वीधि' (अमरावती आर्ट स्ट्रीट) के उद्घाटन के अवसर पर एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया। उन्होंने कला को केवल दीर्घाओं और दीवारों तक सीमित न रखकर, इसे आम जनता के करीब लाने का आह्वान किया।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि कला मानवता के संचार के सबसे पुराने रूपों में से एक है। उन्होंने उल्लेख किया कि लिखित भाषा और बोलने की कला के विकसित होने से भी पहले, मनुष्य चित्रों और नक्काशी के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करता था। पेम्मासानी के अनुसार, प्राचीन काल के राजनीतिक घटनाक्रम भले ही लुप्त हो गए हों, लेकिन उस काल की कलाकृतियां आज भी इतिहास के जीवित प्रमाण के रूप में मौजूद हैं।
कला का महत्व
पेम्मासानी ने कहा, "कला किसी समुदाय की संस्कृति को दर्शाती है, उसकी विरासत को संरक्षित करती है और एक क्षेत्र की रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करती है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल कलाकारों को पहचान मिलती है, बल्कि यह गुंटूर और आंध्र प्रदेश के गौरव को भी बढ़ाता है।
कला केवल सजावट नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की कहानियों और हमारी पहचान का जीवंत दस्तावेज है।
इस आयोजन की सफलता पर चर्चा करते हुए, उन्होंने राज्य पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश और आंध्र प्रदेश रचनात्मक एवं सांस्कृतिक आयोग की अध्यक्ष पोडापति तेजस्विनी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद, दृढ़ संकल्प और जुनून किसी भी कार्यक्रम को सफल बना सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और तुलना
कला महोत्सवों का यह सिलसिला राज्य में बढ़ रहा है। पिछले वर्ष राजमहेंद्रवरम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 500 कलाकारों ने भाग लिया था, जबकि इस वर्ष गुंटूर संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर लगभग 800 हो गई है।
| विशेषता | राजमहेंद्रवरम आयोजन (पिछला वर्ष) | गुंटूर आयोजन (वर्तमान वर्ष) |
|---|---|---|
| कलाकारों की संख्या | लगभग 500 | लगभग 800 |
| मुख्य फोकस | सांस्कृतिक प्रदर्शन | सामुदायिक जुड़ाव और विरासत |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'अमरावती चित्रकला वीधि' का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?
यह आयोजन आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के कोरीटापाडु में किया जा रहा है।
2. इस कार्यक्रम में कितने कलाकार शामिल हुए हैं?
इस वर्ष लगभग 800 कलाकार विभिन्न कला रूपों का प्रदर्शन कर रहे हैं।