राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस के 'एट होम' समारोह में महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा। विशेष रूप से तैयार किए गए निमंत्रण पैकेट में इन राज्यों की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

मुख्य बातें

  • 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 'एट होम' हाई टी का आयोजन किया जाएगा।
  • इस वर्ष का मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत होगी।
  • निमंत्रण बैग में बस्तर की पिटवा कला और माहेश्वरी स्टोल जैसी दुर्लभ हस्तशिल्प वस्तुएं शामिल हैं।
  • लगभग 650 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।

नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन एक भव्य 'एट होम' समारोह की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित इस हाई टी समारोह का मुख्य उद्देश्य भारत के मध्य भाग की समृद्ध परंपराओं और कलाओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। इस वर्ष का विशेष ध्यान महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित है।

सांस्कृतिक धरोहर का अनूठा संगम

इस वर्ष के समारोह की सबसे बड़ी विशेषता इसके विशेष रूप से तैयार किए गए निमंत्रण बैग हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), अहमदाबाद के सहयोग से तैयार किए गए इन बैगों में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक कला का अद्भुत मेल है। बैग के बाहरी हिस्से पर कोंकण क्षेत्र की कावी कला का प्रभाव है, जबकि इसमें बस्तर के लोहारों द्वारा पुनर्चक्रित लोहे (recycled iron) से बनाई गई एक सुंदर घंटी भी शामिल है।

निमंत्रण सामग्री में बस्तर की विश्व प्रसिद्ध 'लौह शिल्प' या पिटवा कला की मूर्तियां और एक हाथ से बुना हुआ माहेश्वरी स्टोल शामिल है, जिसका उपयोग मेहमानों के स्वागत के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गोवा की अज़ुलेजो टाइल्स के माध्यम से वहां के पारंपरिक 'खाजन' भूमि पारिस्थितिकी तंत्र को भी दर्शाया गया है।

स्वाद और परंपरा का मेल

समारोह का मेनू भी इन चार राज्यों के जायके से सराबोर रहेगा। मेहमानों को कोंकण का 'पाटोलेओ', छत्तीसगढ़ का 'मिनी फरा', महाराष्ट्र का 'खमन ककड़ी' और मध्य प्रदेश के जबलपुर का प्रसिद्ध 'गटपट' परोसा जाएगा।

राष्ट्रपति भवन का यह कदम न केवल उत्सव मनाता है, बल्कि भारत के लुप्तप्राय हस्तशिल्प और ग्रामीण कारीगरों को मुख्यधारा में लाने का एक सशक्त माध्यम है।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि राष्ट्रपति भवन द्वारा इस तरह के थीम-आधारित समारोहों का चयन भारत की 'सॉफ्ट पावर' को मजबूत करता है। यह न केवल क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देता है, बल्कि स्थानीय समुदायों और सरकारी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना) के लाभार्थियों को राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा बनाकर समावेशी विकास का संदेश भी देता है।

तुलनात्मक झलक: पिछले वर्षों के विषय

वर्षसमारोह का विषय (Theme)प्रमुख राज्य/क्षेत्र
2026मध्य भारत की विरासतमहाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़
2025पूर्वी भारत की विरासतबिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल
गणतंत्र दिवसपूर्वोत्तर भारत की विरासतसभी आठ पूर्वोत्तर राज्य
क्या आप जानते हैं?: बस्तर की पिटवा कला में पुराने और बेकार लोहे के टुकड़ों का उपयोग करके सुंदर मूर्तियां बनाई जाती हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण है।

Frequently Asked Questions

1. इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य विषय क्या है?
इस वर्ष का मुख्य विषय महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प है।

2. निमंत्रण बैग को किसके सहयोग से डिजाइन किया गया है?
निमंत्रण बैग को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), अहमदाबाद के सहयोग से तैयार किया गया है।