रांची में छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही। JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
मुख्य बिंदु
- तीसरी दौर की वार्ता विफल, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र।
- JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने मंजूर किया।
- सोमवार को रांची में विधानसभा घेराव का बड़ा आंदोलन।
- सरकार ने 98% मांगें मानने का दावा किया, लेकिन JSSC-CGL पर गतिरोध।
झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन ने अब उग्र रूप ले लिया है। रविवार को छात्रों और सरकार के बीच हुई पांच घंटे लंबी तीसरी दौर की वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। जहां सरकार ने छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार करने का दावा किया, वहीं CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गहरा गतिरोध बना हुआ है।
JPSC में बड़ा प्रशासनिक उलटफेर
आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से एक बड़ी खबर सामने आई है। आयोग के तीन सदस्यों—डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद—ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा तब आया है जब CID ने इन सदस्यों को भर्ती धांधली के मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा था। राज्यपाल संतोष गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है। इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे आयोग का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह खाली हो गया है।
क्यों बढ़ा तनाव? (Why This Matters)
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह संकट केवल एक परीक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि राज्य की भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल है। छात्र केवल परीक्षा रद्द करने से संतुष्ट नहीं हैं; वे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। सरकार का तर्क है कि JSSC-CGL मामला अदालती निगरानी में है, जबकि छात्र केंद्रीय एजेंसी (CBI) की मांग पर अडिग हैं।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक नेतृत्व का अचानक खाली होना राज्य की व्यवस्था के प्रति युवाओं के गहरे अविश्वास को दर्शाता है।
सोमवार को हजारों छात्रों के विधानसभा घेराव की योजना है। आंदोलन के 16वें दिन रांची की सड़कों पर छात्रों का हुजूम उमड़ रहा है, और कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. छात्र मुख्य रूप से क्या मांग कर रहे हैं?
छात्र भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
2. JPSC में क्या बदलाव हुए हैं?
अध्यक्ष और तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद आयोग का पूरा शीर्ष ढांचा वर्तमान में खाली है।