किर्नागिरी में पुलिस ने दवा की दुकानों को नशीली दवाओं की अनधिकृत बिक्री रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी फार्मेसियों को प्रिस्क्रिप्शन, CCTV निगरानी और तत्काल रिपोर्टिंग के नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य बिंदु
- नशीली दवाओं की बिक्री केवल योग्य डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही होनी चाहिए।
- फार्मेसियों को बड़ी मात्रा में दवा खरीदने वाले ग्राहकों पर तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी।
- CCTV कैमरे अनिवार्य और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना आवश्यक है।
किर्नागिरी में पुलिस मुख्यालय में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस जी.एस. अनिता ने फार्मासिस्ट और मेडिकल शॉप मालिकों को नशीली दवाओं के अवैध प्रवाह को रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि शेड्यूल H, H1 और X‑कंट्रोल्ड दवाओं का वितरण केवल पंजीकृत चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही किया जाना चाहिए और इन दवाओं का स्टॉक एवं बिक्री का ठीक‑ठाक रिकॉर्ड रखना आवश्यक है, जैसा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में निर्धारित है।
फार्मेसियों को किसी भी संदेहास्पद बड़े ऑर्डर पर तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने का आदेश दिया गया। साथ ही सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य किया गया, जिससे निगरानी और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रह सके।
Historical Background
भारत में नशीली दवाओं के नियमन की जड़ें 1961 के ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में हैं, जिसके बाद 1985 में एनडीपीएस एक्ट आया, जो नशे की दवाओं के क़ानूनी नियंत्रण को सख़्त बनाता है। पिछले वर्षों में कई राज्यों में इस तरह की कड़ाई से जांच की गई है, जिससे दवा के दुरुपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that unchecked distribution of habit‑forming drugs not only fuels addiction but also strains law‑enforcement resources, making proactive monitoring by pharmacies a critical frontline defense.
"सही प्रिस्क्रिप्शन और कड़ी निगरानी से ही हम नशे की लत को जड़ से समाप्त कर सकते हैं," कहा डॉ. रवीन्द्र सिंह, नशा नियंत्रण विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या सभी फार्मेसियों को तुरंत CCTV स्थापित करना अनिवार्य है?
A: हाँ, सभी लाइसेंसधारी फार्मेसियों को कैमरे लगवाने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है।
Q2: अगर कोई ग्राहक बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवा खरीदता है तो क्या कदम उठाने चाहिए?
A: ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस के 100 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करना अनिवार्य है।