अमेरिकी GE F404 इंजनों की आपूर्ति में देरी के बाद, DRDO ने 'कावेरी 2.0' के साथ गेम बदल दिया है। यह शक्तिशाली स्वदेशी इंजन न केवल तेजस को नई ताकत देगा, बल्कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।

मुख्य बिंदु

  • कावेरी 2.0 इंजन 90-100kN आफ्टरबर्नर थ्रस्ट प्रदान करेगा।
  • यह अमेरिकी GE F404 इंजन का स्वदेशी विकल्प होगा।
  • इंजन का वजन 1235 किग्रा से घटाकर 1100 किग्रा से कम करने का लक्ष्य है।
  • इसका उपयोग तेजस फाइटर जेट और 'घातक' UCAV में किया जाएगा।

भारत की रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए कावेरी 2.0 इंजन विकसित किया है। यह कदम तब आया है जब अमेरिकी कंपनी GE द्वारा F404 इंजनों की आपूर्ति में देरी के कारण तेजस Mk1A के उत्पादन में बाधाएं आ रही थीं।

कावेरी इंजन की यात्रा 1980 के दशक में शुरू हुई थी, लेकिन शुरुआती तकनीकी चुनौतियों के कारण इसे तेजस से अलग कर दिया गया था। अब, एक पूरी तरह से नए कोर डिजाइन के साथ, कावेरी 2.0 बिना आफ्टरबर्नर के 55-60kN ड्राई थ्रस्ट और आफ्टरबर्नर के साथ 90-100kN थ्रस्ट देने में सक्षम होगा, जो इसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के लिए एक शक्तिशाली विकल्प बनाता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, जेट इंजन तकनीक दुनिया की सबसे जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों में से एक है। वर्तमान में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के पास कई एयरफ्रेम तैयार हैं, लेकिन इंजनों की कमी के कारण डिलीवरी रुकी हुई है। कावेरी 2.0 न केवल इस सप्लाई चेन की समस्या को हल करेगा, बल्कि भारत को रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) प्रदान करेगा, जिससे भविष्य में किसी भी विदेशी प्रतिबंध या देरी का असर भारतीय वायुसेना पर नहीं पड़ेगा।

"स्वदेशी इंजन का विकास केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की स्थिति को एक खरीदार से बदलकर एक निर्माता बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।"

तकनीकी रूप से, इस इंजन में टाइटेनियम मिश्र धातु से बने एडवांस्ड ब्लिस्क (ब्लेडेड डिस्क) और सिंगल-क्रिस्टल ब्लेड्स का उपयोग किया गया है, जो उच्च तापमान सहन करने और ईंधन दक्षता बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही, इसमें फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल (FADEC) सिस्टम लगाया जाएगा, जो उड़ान के दौरान इंजन के प्रदर्शन को डिजिटल रूप से अनुकूलित करेगा।

विशेषता पुराना कावेरी (KDE) कावेरी 2.0 (नया)
थ्रस्ट (Thrust) 49-52 kN 90-100 kN (Afterburner)
वजन (Weight) ~1235 kg < 1100 kg
नियंत्रण प्रणाली पारंपरिक FADEC (डिजिटल)

यह इंजन केवल तेजस तक सीमित नहीं रहेगा। इसका ड्राई वर्जन 'घातक' UCAV (मानवरहित लड़ाकू विमान) के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगा, क्योंकि यह ईंधन की बचत करता है और स्टेल्थ विशेषताओं को बनाए रखने में मदद करता है।

क्या आप जानते हैं?: जेट इंजन के अंदर का तापमान इतना अधिक होता है कि यदि ब्लेड्स विशेष सामग्री (सिंगल-क्रिस्टल) के न हों, तो वे पिघल सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या कावेरी 2.0 तुरंत तेजस में लगाया जाएगा?
उत्तर: नहीं, इसे 2030 के दशक में मिड-लाइफ अपग्रेड के रूप में फिट करने की योजना है जब मौजूदा इंजनों का ओवरहाल समय आएगा।

प्रश्न 2: क्या यह Safran के साथ चल रहे प्रोजेक्ट से अलग है?
उत्तर: हाँ, Safran के साथ 120kN+ इंजन AMCA (5th Gen) के लिए बन रहा है, जबकि कावेरी 2.0 तेजस जैसे मध्यम थ्रस्ट विमानों के लिए है।