श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के पहले CEO के चयन के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5,300 आवेदकों में से शॉर्टलिस्ट किए गए 18 दिग्गजों में पूर्व IPS राजेश पांडेय और पूर्व DM योगेश्वर राम मिश्रा प्रमुख दावेदार हैं।

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मुख्य बातें

  • 5,300 से अधिक आवेदनों में से केवल 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
  • पूर्व IPS राजेश पांडेय और पूर्व DM योगेश्वर राम मिश्रा पहले दिन इंटरव्यू के लिए पहुंचे।
  • अंतिम चयन 2 सितंबर को किया जाएगा।
  • तीन सदस्यीय पैनल द्वारा 3 नामों की सिफारिश ट्रस्ट को की जाएगी।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए अपने पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से भारी उत्साह देखा गया, जिसमें कुल 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। गहन छानबीन के बाद केवल 18 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया है, जिनमें प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को प्राथमिकता दी गई है।

साक्षात्कार प्रक्रिया चार दिनों तक चलेगी, जिसे तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति संचालित कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से न केवल उनके पेशेवर अनुभव के बारे में पूछा जा रहा है, बल्कि उनकी व्यक्तिगत आस्था, पारिवारिक पृष्ठभूमि और मंदिर की गरिमा के प्रति उनकी समझ का भी परीक्षण किया जा रहा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि एक वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। यहाँ प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिसके लिए एक ऐसे CEO की आवश्यकता है जो कॉर्पोरेट दक्षता और आध्यात्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बना सके। यह पद मंदिर के बुनियादी ढांचे, भीड़ प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

"राम मंदिर के CEO का चयन केवल प्रशासनिक योग्यता पर नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर करेगा जो करोड़ों लोगों की आस्था को संस्थागत प्रबंधन में बदल सके।"

चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में, समिति 18 उम्मीदवारों में से शीर्ष 3 नामों का चयन करेगी। इन तीन नामों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ ट्रस्ट के पदाधिकारी अंतिम साक्षात्कार के बाद 2 सितंबर को आधिकारिक घोषणा करेंगे।

क्या आप जानते हैं?: राम मंदिर ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारंपरिक ट्रस्ट प्रबंधन का एक अनूठा मिश्रण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: राम मंदिर के CEO की घोषणा कब होगी?
उत्तर: CEO के नाम की आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को होने की संभावना है।

प्रश्न 2: चयन समिति में कौन-कौन शामिल है?
उत्तर: समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं।