1993 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को भारत का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। कॉर्पोरेट मामलों की सचिव के रूप में अनुभव रखने वाली मुखर्जी अब देश की शिक्षा प्रणाली की कमान संभालेंगी।
मुख्य बिंदु
- दीप्ति गौर मुखर्जी को केंद्र सरकार ने नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है।
- वह 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।
- जेएनयू (JNU) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से उच्च शिक्षा प्राप्त।
- स्वास्थ्य और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालयों में महत्वपूर्ण अनुभव।
केंद्र सरकार द्वारा किए गए एक उच्च स्तरीय नौकरशाही फेरबदल में, वरिष्ठ नौकरशाह दीप्ति गौर मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वह विनीत जोशी का स्थान लेंगी, जिन्हें पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया था। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस निर्णय को मंजूरी दी है।
दीप्ति गौर मुखर्जी का शैक्षणिक सफर अत्यंत प्रभावशाली रहा है। उत्तर प्रदेश में जन्मीं मुखर्जी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया और उसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से पब्लिक मैनेजमेंट और गवर्नेंस में MSc की डिग्री प्राप्त की। उनकी यही शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके प्रशासनिक करियर की नींव बनी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब NEET विवाद और परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता को लेकर देश में भारी बहस छिड़ी हुई है। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में, मुखर्जी के सामने न केवल प्रशासनिक सुधार लाने की चुनौती होगी, बल्कि शिक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करना भी एक प्राथमिकता होगी।
"एक अर्थशास्त्री और सार्वजनिक प्रबंधन विशेषज्ञ का उच्च शिक्षा विभाग का नेतृत्व करना, भारत के शिक्षा ढांचे में डेटा-संचालित और नियामक सुधारों की संभावना को बढ़ाता है।"
मुखर्जी का करियर विविधता से भरा रहा है। मध्य प्रदेश कैडर में रहते हुए उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण जैसे विभागों में प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया। राष्ट्रीय स्तर पर, उन्होंने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के सीईओ के रूप में 'आयुष्मान भारत' जैसी महत्वाकांक्षी योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हाल ही में, वह कॉर्पोरेट मामलों की सचिव के रूप में कार्यरत थीं, जहाँ उन्होंने डिजिटल प्रतिस्पर्धा ढांचे और कंपनी कानून से संबंधित नियामक मामलों की देखरेख की। तीन दशकों से अधिक का यह अनुभव उन्हें उच्च शिक्षा जैसे जटिल विभाग के लिए एक योग्य उम्मीदवार बनाता है।
| क्षेत्र | प्रमुख भूमिका/उपलब्धि |
|---|---|
| शिक्षा | JNU (Economics) & LSE (Public Management) |
| राज्य प्रशासन | प्रधान सचिव, मध्य प्रदेश सरकार |
| स्वास्थ्य | CEO, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (आयुष्मान भारत) |
| कॉर्पोरेट | सचिव, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. दीप्ति गौर मुखर्जी कौन हैं?
वह 1993 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत सरकार की उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त की गई हैं।
2. उन्होंने किन संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है?
उन्होंने जेएनयू (JNU) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की है।