यूक्रेनी युद्धबंदियों ने संयुक्त राष्ट्र में बताया कि उन्हें रूसी हिरासत में बिजली के झटके और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। 95% से अधिक यूक्रेनी युद्धबंदियों ने रूसी कैद में यातना और दुर्व्यवहार की पुष्टि की है।

मुख्य बिंदु

  • 95% से अधिक यूक्रेनी युद्धबंदियों ने रूसी हिरासत में यातना की रिपोर्ट की।
  • बिजली के झटके, यौन उत्पीड़न और अन्य अत्याचारों के गवाह यूक्रेनी युद्धबंदियों ने संयुक्त राष्ट्र में दिए।
  • रूस पर व्यापक नागरिक दुर्व्यवहार और युद्ध अपराधों के आरोप लगे हैं।

यूक्रेनी युद्धबंदियों ने संयुक्त राष्ट्र में बताया कि उन्हें रूसी हिरासत में बिजली के झटके, यौन उत्पीड़न और अन्य प्रकार की यातना का सामना करना पड़ा। एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार, 95% से अधिक युद्धबंदियों ने ऐसी दुर्व्यवहार की पुष्टि की है।

यातना के विस्तृत गवाह

बंदियों ने बताया कि उन्हें विद्युत धारा से झटका दिया गया, उन्हें बलात्कार और अन्य यौन शोषण का शिकार बनाया गया, तथा उन्हें अत्यधिक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक यातना दी गई। इन गवाहियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरा आघात पैदा किया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

रूस-यूक्रेन संघर्ष के शुरुआती चरणों से ही मानवाधिकार संगठनों ने रूसी बलों द्वारा कैदियों के खिलाफ अत्याचारों की चेतावनी दी थी। 2022 में संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही बताया था कि 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों को रूसी बलों ने हिरासत में लिया है, और कई मामलों में उन्हें अनैतिक व्यवहार का सामना करना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the systematic torture of Ukrainian prisoners of war is a state‑directed policy of Russia, constituting a grave breach of international humanitarian law and potentially qualifying as war crimes.

The torture of Ukrainian prisoners of war is a clear violation of international human rights law and must be condemned in the strongest possible terms.
Did You Know?: United Nations estimates indicate that over 16,000 Ukrainian civilians have been detained by Russian forces since the invasion began.

Frequently Asked Questions

  • क्या यूक्रेनी युद्धबंदियों ने रूसी हिरासत में यातना की रिपोर्ट की है?
  • रूस पर कौन‑से अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोप लगे हैं?