मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे (NH-66) पर 14 साल और 16,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद पहली ही बारिश में सड़क की पोल खुल गई है। भारी गड्ढों और अधूरे काम के बीच टोल वसूली शुरू होने से जनता में भारी आक्रोश है।
मुख्य बिंदु
- 14 वर्षों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च।
- पहली ही मानसून की बारिश में सीमेंट-कंक्रीट सड़कों पर बड़े गड्ढे।
- अधूरे सड़क चौड़ीकरण और पुलों के बावजूद टोल वसूली का विरोध।
- वन्यजीवों के लिए बना 'मंकी ब्रिज' ढहने से सुरक्षा का खतरा।
मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे (NH-66) की स्थिति वर्तमान में बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इस विशाल प्रोजेक्ट पर पिछले 14 वर्षों में लगभग 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन मानसून की पहली ही बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नई बनी सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें भी अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों का सफर जोखिम भरा हो गया है।
टोल वसूली और जनता का आक्रोश
सड़क की खराब स्थिति के बावजूद, मई महीने से पनवेल और पेन के बीच खरपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल वसूली शुरू कर दी गई है। प्रशासन द्वारा तय किया गया 100 रुपये का प्रारंभिक टोल जनता को नागवार गुजर रहा है। स्थानीय निवासियों का तर्क है कि जब तक सड़क चौड़ीकरण, पुलों का निर्माण और बाईपास का काम पूरी तरह से संपन्न नहीं हो जाता, तब तक टोल लेना अनैतिक है। आक्रोशित नागरिक टोल से बचने के लिए सर्विस रोड का सहारा ले रहे हैं।
BozokMedia विश्लेषण: बुनियादी ढांचे की विफलता
BozokMedia विश्लेषण से संकेत मिलता है कि यह केवल निर्माण की समस्या नहीं है, बल्कि जवाबदेही की भी कमी है। सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब है कि नई कंक्रीट की सड़कें भी मानसून का सामना नहीं कर पा रही हैं। कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवारें) बह गई हैं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी का जमाव हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।
जब सड़क का काम अधूरा हो और नई सड़कों पर भी गड्ढे हो रहे हों, तो टोल वसूलना जनता के साथ सरासर अन्याय है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी संकट
सड़क की बदहाली का असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों पर भी पड़ रहा है। कन्नाला एनिमल सैंचुरी के पास बंदरों के सुरक्षित पारगमन के लिए बनाया गया 'मंकी ब्रिज' ढह गया है। इससे बंदर अब हाईवे पर सीधे वाहनों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मुंबई-गोवा हाईवे पर टोल कहाँ वसूला जा रहा है?
उत्तर: वर्तमान में पनवेल और पेन के बीच खरपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल वसूली की जा रही है।
प्रश्न 2: मंकी ब्रिज का क्या महत्व था?
उत्तर: यह पुल बंदरों को सुरक्षित रूप से हाईवे पार करने में मदद करने के लिए बनाया गया था ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।