अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले दिन 8 उम्मीदवारों ने पैनल के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्य बिंदु

  • ट्रस्ट अपने पहले सीईओ के चयन के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया कर रहा है।
  • पहले दिन 16 में से 8 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का साक्षात्कार हुआ।
  • चयन समिति में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश और वैज्ञानिक शामिल हैं।
  • सीईओ का कार्यकाल प्रस्तावित रूप से 3 वर्ष का होगा।

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया के पहले दिन, कुल 16 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में से 8 ने चयन समिति के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह नियुक्ति मंदिर के दैनिक प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की देखरेख के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चयन प्रक्रिया और पैनल

साक्षात्कार के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक एवं शिरडी साईं संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, सुरक्षा प्रबंधन और धार्मिक संस्थानों के साथ उनके जुड़ाव का गहन परीक्षण कर रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मंदिर के दान के कथित गबन के विवादों के बाद, एक कुशल और अनुभवी सीईओ की नियुक्ति ट्रस्ट की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। सीईओ के पास मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

एक सक्षम सीईओ न केवल प्रशासनिक सुगमता सुनिश्चित करेगा, बल्कि मंदिर के प्रबंधन में संस्थागत विश्वसनीयता भी बहाल करेगा।

साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों से उनके सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ संबंधों और हिंदू धार्मिक संस्थानों के कामकाज की समझ पर सवाल पूछे गए। पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे और पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्रा जैसे अनुभवी व्यक्तित्व इस दौड़ में शामिल हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ

राम मंदिर का प्रबंधन एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य है। ट्रस्ट को इस पद के लिए देश भर से 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से केवल 16 उम्मीदवारों को उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया है।

क्या आप जानते हैं?: इस पद के लिए पात्रता मानदंडों में कम से कम 20 वर्ष का कार्यकारी नेतृत्व अनुभव और 50-70 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सीईओ का मुख्य कार्य क्या होगा?
उत्तर: सीईओ मंदिर के दैनिक प्रशासनिक कार्यों, सुरक्षा और विभिन्न विकास परियोजनाओं की देखरेख के लिए जिम्मेदार होगा।

प्रश्न 2: चयन प्रक्रिया का अगला चरण क्या है?
उत्तर: साक्षात्कार के बाद, समिति तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा।