गुंटकल मंडल के कसाबपुर में 11-KV बिजली का तार टूटने से एक 40 वर्षीय किसान की दर्दनाक मौत हो गई। आंध्र प्रदेश रयथु संघ ने सरकार से ₹50 लाख मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

मुख्य बातें

  • गुंटकल के कसाबपुर में 11-KV बिजली का तार टूटने से किसान की मौत।
  • मृतक बोया अंजनेयुलु परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
  • आंध्र प्रदेश रयथु संघ ने ₹50 लाख मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है।
  • बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया गया।

आंध्र प्रदेश के गुंटकल मंडल के कसाबपुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मंगलवार को एक 40 वर्षीय किसान, बोया अंजनेयुलु, खेत में काम करते समय करंट की चपेट में आने से काल के गाल में समा गए। यह हादसा तब हुआ जब एक 11-KV बिजली का तार टूटकर उनके कृषि क्षेत्र में गिर गया। इस दुर्घटना में एक बैल की भी मौत हो गई।

आंध्र प्रदेश रयथु संघ के प्रदेश अध्यक्ष वी. कृष्णाiah ने इस घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री गोटिपति रवि कुमार को एक पत्र लिखकर पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत की मांग की है। संघ का कहना है कि बिजली विभाग को पुराने हो चुके तारों को बदलने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन प्रशासन ने इसे अनसुना कर दिया।

क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति और बिजली विभाग की उदासीनता अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनती है। यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि सिस्टम की विफलता है जो सीधे तौर पर गरीब किसानों के जीवन को खतरे में डालती है।

बिजली विभाग की लापरवाही ने न केवल एक जीवन छीन लिया, बल्कि एक पूरे परिवार को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है।

मृतक अंजनेयुलु अपने परिवार के एकमात्र आधार थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी नीलावती, दो बेटियाँ और एक 16 वर्षीय बेटा है। उनकी छोटी बेटी हेमालता बी.टेक कर रही है, जबकि बेटा लाल प्रसाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, उन्हें अपनी वृद्ध माँ और एक दिव्यांग बहन की देखभाल भी करनी थी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुराने ट्रांसफार्मर और जर्जर तार अक्सर मानसून या अत्यधिक गर्मी के दौरान दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे किसानों की सुरक्षा पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के झटके से होने वाली मौतों का एक बड़ा हिस्सा जर्जर और पुराने बिजली के तारों के कारण होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: रयथु संघ ने मुआवजे के रूप में क्या मांग की है?
उत्तर: संघ ने ₹50 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मरे हुए बैल के लिए ₹1 लाख की मांग की है।

प्रश्न 2: हादसा कैसे हुआ?
उत्तर: 11-KV का एक हाई-वोल्टेज तार टूटकर खेत में गिर गया, जिससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई।