मध्य प्रदेश सरकार और ASI उज्जैन के वैश्य टेकरी में एक विशाल मौर्यकालीन बौद्ध स्तूप के उत्खनन की तैयारी कर रही है, जो आकार में प्रसिद्ध सांची स्तूप से भी कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।

मुख्य बातें

  • उज्जैन के वैश्य टेकरी में एक विशाल मौर्यकालीन स्तूप होने की संभावना है।
  • ब्रिटिश काल की रिपोर्ट के अनुसार, यह सांची स्तूप से काफी बड़ा है।
  • माना जाता है कि इसका निर्माण सम्राट अशोक ने अपनी पत्नी देवी की प्रेरणा से कराया था।
  • मध्य प्रदेश सरकार और ASI मिलकर नए सिरे से खुदाई की योजना बना रहे हैं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित वैश्य टेकरी का एक विशाल टीला इतिहास के पन्नों को फिर से खोलने के लिए तैयार है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं, और राज्य सरकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ मिलकर इस स्थल पर नए सिरे से उत्खनन करने की योजना बना रही है।

ऐतिहासिक ब्रिटिश काल की रिपोर्टों के अनुसार, यह स्तूप लगभग 350 फीट व्यास और कम से कम 100 फीट ऊंचा हो सकता है। यदि यह सच साबित होता है, तो यह विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप (जिसका व्यास 120 फीट और ऊंचाई 54 फीट है) को भी पीछे छोड़ देगा। यह संरचना मौर्य काल (लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व) की मानी जा रही है, जो इसे लगभग 2,200 वर्ष पुराना बनाती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह खोज न केवल भारत के बौद्ध इतिहास को पुनर्गठित कर सकती है, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उज्जैन को एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है। यदि इस स्तूप का संबंध सम्राट अशोक से सिद्ध हो जाता है, तो यह मौर्य साम्राज्य की वास्तुकला और धार्मिक प्रसार के बारे में नई जानकारी प्रदान करेगा।

ASI के अधीक्षक पुरातत्वविद् शिवकांत बाजपेई के अनुसार, माना जाता है कि जब अशोक उज्जैन के राज्यपाल थे, तब उन्होंने अपनी पत्नी देवी की प्रेरणा से यहाँ एक स्तूप का निर्माण कराया था।

वैश्य टेकरी का संबंध प्राचीन बौद्ध साहित्य में वर्णित कनकगिरी विहार और चीनी यात्री ह्वेन सांग के विवरणों से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, इन संबंधों की पुष्टि के लिए व्यवस्थित खुदाई अनिवार्य है। 1939 में हुई पिछली खुदाई के दौरान एक गैस रिसाव के कारण काम रोकना पड़ा था, लेकिन अब लगभग नौ दशकों के बाद, पुरातत्वविद एक बार फिर इस रहस्यमयी टीले के नीचे दबे सच को खोजने के लिए तैयार हैं।

सांची बनाम वैश्य टेकरी: एक तुलना

विशेषतासांची स्तूपवैश्य टेकरी (अनुमानित)
व्यास (Diameter)120 फीट350 फीट
ऊंचाई (Height)54 फीट100+ फीट
काल (Period)मौर्य/शुंग कालमौर्य काल (3rd Century BCE)
क्या आप जानते हैं?: वैश्य टेकरी का नाम संभवतः विदिषा की नगरश्रेष्ठिणी की पुत्री 'देवी' (अशोक की पत्नी) के सम्मान में पड़ा था, जिन्होंने इस बौद्ध स्थल की स्थापना में प्रेरणा दी थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वैश्य टेकरी स्तूप कहाँ स्थित है?
यह मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है, जो सांची से लगभग 236 किमी पश्चिम में है।

2. पिछली खुदाई क्यों रोकी गई थी?
1939 में खुदाई के दौरान एक गैस रिसाव के कारण मजदूर बेहोश हो गए थे, जिसके बाद काम रोक दिया गया था।