सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड में नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा स्पष्ट रूप से बताने के लिए 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में FSSAI की ढिलाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI और केंद्र सरकार को पैकेज्ड फूड लेबलिंग पर फटकार लगाई।
  • पैकेट के सामने (Front-of-Pack) नमक, चीनी और फैट की चेतावनी देना अनिवार्य होगा।
  • अत्यधिक नमक और चीनी से मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।
  • कोर्ट ने FSSAI की देरी पर सवाल उठाते हुए पूछा, "क्या आप कोर्ट को मजाक समझ रहे हैं?"

नई दिल्ली: स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चिंताओं के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पैकेज्ड फूड (पैकेज्ड खाद्य पदार्थों) पर नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा को पैकेट के सामने ही प्रमुखता से दिखाया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ता खरीदारी करते समय सही निर्णय ले सकें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच, BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पैकेज्ड फूड में छिपी हुई चीनी और नमक के बारे में जानकारी का अभाव एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है। अदालत ने कहा कि 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल विशेष रूप से बच्चों और परिवारों को जंक फूड के नुकसानों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

"क्या सरकार अपने लोगों को स्वस्थ नहीं रखना चाहती?" - जस्टिस जेबी पार्डीवाला ने FSSAI की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा।

मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने FSSAI द्वारा नियमों को लागू करने में की जा रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पिछले निर्देशों के बावजूद लेबलिंग के मुद्दे पर कोई ठोस प्रगति नहीं देखी गई है, जिससे उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य दांव पर लगा है।

फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग क्या है?

वर्तमान में, पोषण संबंधी जानकारी अक्सर पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में लिखी होती है, जिसे आम ग्राहक आसानी से नहीं पढ़ पाते। फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग का उद्देश्य इस जानकारी को पैकेट के सबसे सामने वाले हिस्से पर बड़े और स्पष्ट रूप से दिखाना है। इससे ग्राहक को पैकेट उठाते ही पता चल जाएगा कि उत्पाद स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव: एक तुलनात्मक दृष्टि

घटक (Component)अत्यधिक सेवन के खतरेसुप्रीम कोर्ट का निर्देश
नमक (Salt)उच्च रक्तचाप, हृदय रोगसामने स्पष्ट चेतावनी दें
चीनी (Sugar)डायबिटीज, मोटापासामने स्पष्ट चेतावनी दें
सैचुरेटेड फैटकोलेस्ट्रॉल, हृदय संबंधी समस्याएंसामने स्पष्ट चेतावनी दें
क्या आप जानते हैं?: दुनिया के कई विकसित देशों में पहले से ही 'रेड सिग्नल' लेबलिंग लागू है, जो अत्यधिक नमक या चीनी वाले उत्पादों पर तुरंत चेतावनी देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग का क्या लाभ है?
इससे उपभोक्ताओं को पैकेट खोलते या खरीदते समय ही उत्पाद में मौजूद हानिकारक तत्वों की तुरंत जानकारी मिल जाती है।

2. सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को क्यों फटकार लगाई?
क्योंकि लेबलिंग नियमों को लागू करने में FSSAI द्वारा अत्यधिक देरी की जा रही थी, जो जनहित का मामला है।