लोक निर्माण मंत्री पी.के. बशीर ने मलाप्पुरम जिले में 50 विभागों के तहत चल रही 602 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास करना है।
- 50 विभागों के तहत कुल 602 परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
- 479 आजीविका पहल और 123 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।
- 7 स्मार्ट गांवों का निर्माण, जिनमें से 6 का उद्घाटन जल्द होगा।
केरल के मलाप्पुरम जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 100-दिवसीय कार्ययोजना को गति देने के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। लोक निर्माण मंत्री पी.के. बशीर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए 50 विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा कार्यान्वित की जा रही 602 परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का गहन विश्लेषण किया।
परियोजनाओं के वितरण पर नजर डालें तो इसमें 479 आजीविका पहल शामिल हैं, जिनका प्राथमिक लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना और आय बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त, 123 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं जिले की कनेक्टिविटी और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लागू की जा रही हैं।
क्षेत्रवार विश्लेषण के अनुसार, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 95 परियोजनाएं, उद्योग और उद्यमिता में 65, परिवहन और सार्वजनिक निर्माण में 82, जल संसाधन और सिंचाई में 23, तथा स्थानीय स्वशासन के तहत 20 परियोजनाएं संचालित हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the Kerala government is shifting from traditional long-term planning to 'sprint-based' governance. By implementing a 100-day action plan, the administration aims to eliminate bureaucratic red tape and deliver tangible results to the public in a short timeframe, which could set a precedent for other districts.
"The success of such accelerated plans depends not on file reports, but on rigorous field verification and the removal of technical bottlenecks in real-time."
भूमि सुधार और प्रशासन के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। जिले ने निर्धारित 4,600 भूमि-उपयोग परिवर्तन आवेदनों में से 3,700 को मंजूरी दे दी है। साथ ही, 2,057 भूमि शीर्षकों (land titles) में से 1,057 वितरित किए जा चुके हैं। डिजिटल भूमि सर्वेक्षण से संबंधित 4,700 शिकायतों में से 300 का समाधान किया गया है।
मंत्री बशीर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे स्कूलों के लिए कंप्यूटर और वाहनों की खरीद में तेजी लाएं और वन-निवासी पुनर्वास योजना के तहत लंबित किस्तों को तुरंत जारी करें। उन्होंने विशेष रूप से एडवन्ना में हैचरी के निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने का आदेश दिया।
बैठक के अंत में, उन्होंने अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और जिले के समग्र विकास के लिए नवाचारी (innovative) प्रोजेक्ट्स तैयार करने का आग्रह किया।
| सेक्टर | परियोजनाओं की संख्या |
|---|---|
| आजीविका पहल | 479 |
| बुनियादी ढांचा | 123 |
| कृषि एवं संबद्ध | 95 |
| परिवहन और PWD | 82 |
| उद्योग और उद्यमिता | 65 |
Frequently Asked Questions
1. 100-दिवसीय कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कम समय में रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे का विकास और लंबित प्रशासनिक कार्यों को तेजी से निपटाना है।
2. मलाप्पुरम में कितने स्मार्ट विलेज बनाए जा रहे हैं?
कुल 7 स्मार्ट विलेज बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 6 का उद्घाटन इस 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत किया जाना निर्धारित है।