मुंबई इंटरनेशनल स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल (MIST) 2026 में विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे एआई का बढ़ता प्रभाव वास्तव में मानवीय और मौखिक कहानियों की अहमियत को और बढ़ा सकता है।
- एआई के दौर में मौखिक कहानी सुनाने की कला (Oral Storytelling) अधिक मूल्यवान हो सकती है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि हर तकनीकी लहर एक विपरीत मानवीय प्रतिक्रिया (Counter-trend) पैदा करती है।
- कहानियों का प्रभाव केवल शब्दों पर नहीं, बल्कि भावनाओं, हाव-भाव और व्यक्तिगत अनुभवों पर निर्भर करता है।
मुंबई में आयोजित मुंबई इंटरनेशनल स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल (MIST) 2026 ने कला और तकनीक के बीच के द्वंद्व को केंद्र में रखा। नेशनल थिएटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव में दुनिया भर के कहानीकारों ने इस बात पर मंथन किया कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानव रचनात्मकता की जगह ले सकता है या यह उसे एक नई दिशा देगा।
एक विशेष पैनल चर्चा, जिसका शीर्षक 'द आर्ट ऑफ नैरेटिव: मल्टीपल स्टोरीटेलिंग फॉर्म्स' था, में अमीन हाक (संस्थापक, स्टोरीवल्लाह्स) ने एक दिलचस्प तर्क पेश किया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी कोई तकनीक हावी होती है, तो उसके जवाब में एक 'काउंटर-ट्रेंड' उभरता है। जैसे रंगीन फोटोग्राफी के आने के बाद ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटोग्राफी की विशिष्टता और मूल्य बढ़ गया, वैसे ही एआई के दौर में इंसानी आवाज़ और जज्बातों से भरी मौखिक कहानियों की मांग बढ़ेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बहस केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल थकान (Digital Fatigue) की ओर इशारा करती है। जब सामग्री का उत्पादन मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाएगा, तब 'मानवीय स्पर्श' (Human Touch) एक प्रीमियम उत्पाद बन जाएगा। यह बदलाव कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया अवसर पैदा करता है जहाँ प्रामाणिकता (Authenticity) ही सबसे बड़ी पूंजी होगी।
"एक प्रभावशाली कहानी, ध्यान की कमी वाले इस दौर (attention-deficit world) में भी दर्शकों को घंटों बांधे रख सकती है।"
पैनल में शामिल सौम्या आर श्रीनिवासन ने बताया कि कैसे लोककथाओं का उपयोग लोगों को उनकी अपनी यादों और अनुभवों से जोड़ने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने 'सोल स्टोरी मंडला' के माध्यम से यह समझाया कि कहानी केवल सुनने की चीज़ नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत रूपांतरण की यात्रा है। वहीं, अभिव्यक्ति विशेषज्ञ हेमा सुब्रमण्यन ने जोर दिया कि एक कहानीकार को पात्र के भीतर उतरना पड़ता है और उसके स्थान और भावनाओं को जीना पड़ता है, जो वर्तमान में एआई के लिए असंभव है।
केन्यान-स्कॉटिश लेखिका मारा मेंज़िज़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनके लाइव प्रदर्शन 'ब्लड एंड गोल्ड' ने 27 देशों का दौरा किया और बाद में एक उपन्यास बना। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शब्दों में उन हाव-भावों और चेहरे के भावों को ढालना चुनौतीपूर्ण होता है जो मंच पर स्वाभाविक रूप से व्यक्त होते हैं, लेकिन लिखित रूप कहानी को समय और स्थान की सीमाओं से परे ले जाता है।
| विशेषता | एआई स्टोरीटेलिंग | मानवीय मौखिक कथावाचन |
|---|---|---|
| उत्पादन गति | अत्यधिक तीव्र | धीमी और विचारशील |
| भावनात्मक गहराई | सिम्युलेटेड (नकली) | प्रामाणिक और सहज |
| कनेक्शन | एल्गोरिदम आधारित | व्यक्तिगत और आध्यात्मिक |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या एआई वास्तव में कहानीकारों की जगह ले लेगा?
उत्तर: विशेषज्ञों का मानना है कि एआई संरचना और डेटा दे सकता है, लेकिन मानवीय भावनाएं, अनुभव और लाइव प्रदर्शन की ऊर्जा को वह कभी प्रतिस्थापित नहीं कर सकता।
प्रश्न 2: MIST 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य विभिन्न कथा रूपों का अन्वेषण करना और आधुनिक युग में कहानी सुनाने की कला की प्रासंगिकता को बनाए रखना था।