AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने मॉडल-turned-actor त्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमॉर्टम में पाया कि मृत्यु से पहले शारीरिक हमले के कोई संकेत नहीं थे। CBI इस मामले में मानसिक प्रताड़ना और दहेज के आरोपों की जांच कर रही है।
- AIIMS दिल्ली मेडिकल बोर्ड को मृत्यु से पहले हमले का कोई संकेत नहीं मिला।
- मृत्यु का कारण जिमनास्टिक बेल्ट से फांसी के कारण दम घुटना (Asphyxia) पाया गया।
- CBI ने आरोप लगाया है कि पति और सास ने त्विशा को निरंतर मानसिक प्रताड़ना दी।
- AIIMS भोपाल की पहली रिपोर्ट में शरीर पर कई बाहरी चोटों का उल्लेख किया गया था।
मॉडल और अभिनेत्री त्विशा शर्मा की मृत्यु के हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ आया है। AIIMS दिल्ली के एक मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमॉर्टम में पाया गया है कि त्विशा के शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जो मृत्यु से पहले किसी शारीरिक हमले (Assault) की ओर इशारा करती हो। यह रिपोर्ट उस समय आई है जब परिवार ने पहले की जांच पर सवाल उठाए थे।
नोएडा की रहने वाली और पूर्व मिस पुणे त्विशा शर्मा 12 मई, 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनकी शादी अधिवक्ता समर्थ सिंह से महज छह महीने पहले हुई थी। AIIMS भोपाल की पहली रिपोर्ट में गर्दन पर निशान और हाथ पर नीले रंग के निशान (Contusions) दर्ज किए गए थे, लेकिन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर AIIMS दिल्ली की टीम ने जब दोबारा जांच की, तो निष्कर्ष यह निकला कि मृत्यु 'सुसाइड' के कारण हुई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, दो अलग-अलग मेडिकल रिपोर्टों के बीच का यह अंतर फॉरेंसिक जांच की जटिलता को दर्शाता है। हालांकि दूसरी रिपोर्ट ने 'शारीरिक हमले' के दावों को खारिज कर दिया है, लेकिन CBI का ध्यान अब 'मानसिक क्रूरता' पर केंद्रित है। कानूनी तौर पर, यदि यह साबित होता है कि आत्महत्या मानसिक प्रताड़ना के कारण की गई, तो आरोपी अभी भी गंभीर धाराओं के तहत दोषी हो सकते हैं।
जब शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लिगेचर मटेरियल (फांसी का फंदा) पेश नहीं किया जाता, तो वैज्ञानिक सह-संबंध स्थापित करना कठिन हो जाता है, जो इस मामले में हुआ।
जांच में सामने आया है कि त्विशा और समर्थ के रिश्ते तनावपूर्ण थे। CBI के अनुसार, अप्रैल 2026 में गर्भावस्था का पता चलने के बाद विवाद बढ़ गया। त्विशा ने कथित तौर पर समर्थ के नशे की लत और दुर्व्यवहार की शिकायत अपने माता-पिता से की थी। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि नशे के कारण होने वाले प्रभाव बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
| विशेषता | AIIMS भोपाल रिपोर्ट (पहली) | AIIMS दिल्ली रिपोर्ट (दूसरी) |
|---|---|---|
| शारीरिक चोटें | कई खरोंच और नीले निशान मिले | हमले का कोई संकेत नहीं |
| मृत्यु का कारण | फांसी (Ante-mortem hanging) | जिमनास्टिक बेल्ट से दम घुटना |
| साक्ष्य सामग्री | बेल्ट पेश नहीं की गई थी | बेल्ट की गहन जांच की गई |
आरोपी समर्थ सिंह और उनकी माता गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त न्यायाधीश) ने सभी आरोपों को नकारा है। उनके वकील का कहना है कि दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी और वे अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. दूसरे पोस्टमॉर्टम का आदेश क्यों दिया गया?
त्विशा के परिवार ने आरोप लगाया था कि AIIMS भोपाल की पहली रिपोर्ट को आरोपी सेवानिवृत्त न्यायाधीश और उनके बेटे के प्रभाव में बदल दिया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दोबारा जांच के आदेश दिए।
2. CBI की जांच में अब तक क्या पाया गया है?
CBI ने चार्जशीट दाखिल की है और यह पाया है कि त्विशा को गंभीर मानसिक प्रताड़ना दी गई थी। एजेंसी अब उनके फोन रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।