अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आधिकारिक तौर पर INS डीगा से सभी अनुसूचित उड़ानों का प्रभार संभाल लिया है। यात्री टर्मिनल की विश्व स्तरीय सुविधाओं की तारीफ कर रहे हैं, हालांकि शहर से दूरी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
- वाणिज्यिक परिचालन 17 अगस्त, 2026 को शुरू हुआ, जिसने INS डीगा के सिविल एन्क्लेव की जगह ली।
- पहली उड़ानें इंडिगो (हैदराबाद से) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (बेंगलुरु से) द्वारा संचालित की गईं।
- हवाई अड्डा लगभग 2,200 एकड़ में फैला है जिसकी प्रथम चरण की क्षमता 60 लाख यात्री प्रति वर्ष है।
आंध्र प्रदेश के विमानन क्षेत्र में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को एक ऐतिहासिक बदलाव आया, जब भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आधिकारिक तौर पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने पहली उड़ानों को हरी झंडी दिखाई, जिसके साथ ही INS डीगा स्थित सिविल एन्क्लेव को वाणिज्यिक एयरलाइनों के लिए बंद कर दिया गया।
संचालन की शुरुआत सुबह 6:45 बजे हैदराबाद से आने वाली इंडिगो उड़ान 6E 6408 और 7:30 बजे बेंगलुरु से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान IX 2064 के साथ हुई। पहली प्रस्थान उड़ान सुबह 8:50 बजे हैदराबाद के लिए रवाना हुई। यात्रियों ने नए टर्मिनल की आधुनिकता और भव्यता की काफी प्रशंसा की है, और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया है।
यात्रा की चुनौती
उत्साह के बीच, विशाखापत्तनम शहर से हवाई अड्डे की दूरी एक मुख्य चर्चा का विषय रही। सिरिपुरम जैसे इलाकों से आने वाले यात्रियों ने बताया कि कम ट्रैफिक के बावजूद उन्हें पहुंचने में 50 मिनट का समय लगा। नियमित यात्रियों का मानना है कि दिन के समय आनंदपुरम मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने से यह यात्रा एक घंटे से अधिक की हो सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भोगपुरम की ओर यह बदलाव केवल स्थान का परिवर्तन नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय क्षमता का एक रणनीतिक अपग्रेड है। एक नौसेना बेस (INS डीगा) से अलग होकर, शहर के पास अब एक समर्पित नागरिक विमानन केंद्र है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में सक्षम है। इससे सैन्य सुरक्षा और सीमित रनवे क्षमता के कारण आने वाली बाधाएं समाप्त हो जाएंगी।
भोगपुरम की ओर संक्रमण एक सीमित सैन्य एन्क्लेव से एक विस्तार योग्य अंतरराष्ट्रीय गेटवे की ओर छलांग है, जो क्षेत्र के आर्थिक प्रक्षेपवक्र को मौलिक रूप से बदल देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अगस्त को उद्घाटित यह हवाई अड्डा लगभग 2,200 एकड़ में फैला है। पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 60 लाख यात्रियों की है। यहाँ अत्याधुनिक डिजिटल प्रणालियों के साथ-साथ भारतीय परंपरा का भी समावेश किया गया है, जहाँ यात्रियों का स्वागत लाइव संगीत और चॉकलेट के साथ किया गया।
| विशेषता | पुराना हवाई अड्डा (INS डीगा) | नया हवाई अड्डा (भोगपुरम) |
|---|---|---|
| बुनियादी ढांचा | सीमित सिविल एन्क्लेव | विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल |
| क्षमता | सीमित | 60 लाख यात्री (चरण 1) |
| यात्रा समय | शहर से ~20 मिनट | शहर से 50-70 मिनट |
| भूमि क्षेत्र | साझा सैन्य क्षेत्र | 2,200 एकड़ समर्पित |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यात्री शहर से नए भोगपुरम हवाई अड्डे तक कैसे पहुँच सकते हैं?
यात्री लगभग ₹300 में RTC ई-बस या ₹800 से ₹1,500 तक के निजी कैब का उपयोग कर सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या भोगपुरम से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चलेंगी?
हाँ, यह एक अंतरराष्ट्रीय सुविधा के रूप में डिज़ाइन किया गया है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जल्द ही विदेशी गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू होंगी।