पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत 17 लाख आवेदकों के नाम खारिज कर दिए हैं। आधार लिंक न होने और पात्रता मानदंडों के उल्लंघन को इसका मुख्य कारण बताया गया है, हालांकि प्रभावित महिलाओं के लिए पुन: आवेदन का रास्ता खुला है।
- 17 लाख आवेदकों के नाम आधार और पात्रता संबंधी समस्याओं के कारण खारिज।
- 1.45 करोड़ लाभार्थियों को 17 से 20 अगस्त के बीच तीसरी किस्त जारी होगी।
- बैंक खाते को आधार से लिंक करने के लिए बी़डीओ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
- 20 अगस्त से पोर्टल पर 'सोशल रजिस्टर' विकल्प के माध्यम से पुन: आवेदन शुरू होगा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तीसरे चरण के फंड वितरण से पहले एक बड़ा अपडेट जारी किया है। राज्य सरकार ने खुलासा किया है कि सत्यापन प्रक्रिया के बाद लगभग 17 लाख आवेदकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह निर्णय मुख्य रूप से आधार-लिंकिंग त्रुटियों और पात्रता मानदंडों के उल्लंघन के कारण लिया गया है।
नबन्ना में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य राज्य मंत्री सुमना सरकार, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती और महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मौमिता गोदारा ने बताया कि सरकार 17 से 20 अगस्त के बीच 1.45 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में तीसरी किस्त स्थानांतरित करेगी। इस उद्देश्य के लिए कुल 4,350 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
नाम खारिज होने के मुख्य कारण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण बैंक खातों का आधार से लिंक न होना था। कुल 17 लाख खारिज मामलों में से लगभग 10 लाख मामले केवल आधार संबंधी समस्याओं के कारण थे। इसके अलावा, कई आवेदनों को इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि आवेदक या उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या वे आयकर (Income Tax) भुगतान करते हैं।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम सरकारी योजनाओं में 'लीकेज' को रोकने और केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, आधार-लिंकिंग जैसी तकनीकी बाधाओं के कारण एक बड़ी आबादी लाभ से वंचित हुई है, जो डिजिटल डिवाइड की चुनौती को दर्शाता है।
"आधार-लिंकिंग और सख्त पात्रता मानदंड यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) पारदर्शी रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर जागरूकता की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा है।"
जिन महिलाओं के आवेदन खारिज हुए हैं, उनके लिए सरकार ने राहत की घोषणा की है। ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDOs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे बैंकों के साथ समन्वय कर विशेष कैंप लगाएं ताकि आधार लिंकिंग की समस्या को तुरंत हल किया जा सके।
प्रभावित आवेदक 20 अगस्त से सरकारी पोर्टल पर 'सोशल रजिस्टर' विकल्प के माध्यम से पुन: आवेदन कर सकते हैं। सभी दस्तावेजों का पुन: मूल्यांकन जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय में किया जाएगा। वहीं, नए आवेदनों के लिए खिड़की 30 सितंबर तक खुली रहेगी।
| श्रेणी | पात्रता स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| सरकारी कर्मचारी/परिवार | अपात्र | नियमों के अनुसार सरकारी नौकरी वाले पात्र नहीं हैं |
| आयकर दाता | अपात्र | वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक |
| मासिक आय > 10,000 | अपात्र | आय सीमा का उल्लंघन |
| 60+ पेंशनभोगी | अपात्र | योजना के दायरे से बाहर |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि मेरा आवेदन आधार समस्या के कारण खारिज हो गया है, तो मैं क्या करूँ?
उत्तर: आप अपने नजदीकी BDO कार्यालय द्वारा आयोजित विशेष कैंप में जाकर अपना बैंक खाता आधार से लिंक कराएं और 20 अगस्त के बाद पोर्टल पर पुन: आवेदन करें।
प्रश्न 2: क्या सरकारी नौकरी करने वालों के परिवार के सदस्य इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, सरकारी कर्मचारियों, वैधानिक निकायों और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों के परिवार इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।