भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आधिकारिक तौर पर व्यावसायिक उड़ानें शुरू कर दी हैं, जिसने पहले ही दिन 52 उड़ानों का संचालन किया। यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट उत्तरी आंध्र प्रदेश को एक वैश्विक विमानन और रसद केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

  • भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अपने उद्घाटन के पहले दिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों सहित 52 उड़ानों का संचालन किया।
  • इस सुविधा में 3,800 मीटर का कोड 4E रनवे है, जो बोइंग 777 और एयरबस A350 जैसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है।
  • APSRTC ने विशाखापत्तनम शहर को नए हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए 'एयरो एक्सप्रेस' इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू की हैं।

भारत के पूर्वी तट पर विमानन बुनियादी ढांचे में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए, भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने सोमवार से आधिकारिक तौर पर व्यावसायिक उड़ान संचालन शुरू कर दिया है। GMR विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GVIAL) द्वारा विकसित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अगस्त को उद्घाटन किए गए इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे ने उत्तरी आंध्र प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरुआत की है।

उद्घाटन के पहले दिन का माहौल बेहद उत्साहजनक रहा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने स्वयं यात्रियों को बोर्डिंग पास और स्मृति चिन्ह सौंपकर इस ऐतिहासिक मील के पत्थर का स्वागत किया। पहले दिन कुल 52 हवाई गतिविधियों को दर्ज किया गया, जिसने इस क्षेत्र को प्रमुख घरेलू केंद्रों और मध्य पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ा।

उद्घाटन समारोह के दौरान एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्कूट और इंडियावन के विमानों को पारंपरिक 'वॉटर कैनन सैल्यूट' दिया गया। हैदराबाद से आने वाली इंडिगो की उड़ान 6E 6408 इस हवाई अड्डे पर उतरने वाली पहली उड़ान बनी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अबू धाबी (इंडिगो) और सिंगापुर (स्कूट) से उड़ानें शुरू हुईं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि सैन्य संचालित INS डेगा सुविधा से एक समर्पित व्यावसायिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाना केवल स्थान का परिवर्तन नहीं है, बल्कि क्षमता का एक विशाल अपग्रेड है। एक साझा सैन्य हवाई क्षेत्र की बाधाओं को हटाकर, यह क्षेत्र अब वाइड-बॉडी विमानों को समायोजित कर सकता है, जो विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को आकर्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

एक ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर बढ़ना ऐसे बुनियादी ढांचे की अनुमति देता है जो 6 मिलियन से 40 मिलियन यात्रियों तक विस्तारित हो सकता है, जिससे पूर्वी तट का लॉजिस्टिक्स परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा।

हवाई अड्डे के तकनीकी विनिर्देश विश्व स्तरीय हैं। 2,200 एकड़ में फैली इस सुविधा में 3,800 मीटर का कोड 4E रनवे है। यह दुनिया के सबसे बड़े वाणिज्यिक जेट्स, जैसे बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A350 को संभालने में सक्षम है। वर्तमान में इसकी क्षमता 6 मिलियन यात्री प्रति वर्ष है, जिसे भविष्य में 40 मिलियन से अधिक करने की योजना है।

शहर और हवाई अड्डे के बीच की दूरी को पाटने के लिए, आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) ने 14 एयर-कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक 'एयरो एक्सप्रेस' बसों का बेड़ा तैनात किया है। ये बसें दो मुख्य मार्गों पर चलती हैं, जिससे गाजुवाका, सिरिपुरम और रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों के यात्रियों को सुगम पहुंच सुनिश्चित होती है।

विशेषता पुराना विशाखापत्तनम हवाई अड्डा (INS Dega) नया भोगपुरम हवाई अड्डा
प्रकृति सैन्य-संचालित / साझा ग्रीनफील्ड वाणिज्यिक / अंतरराष्ट्रीय
रनवे क्षमता सीमित (नैरो-बॉडी) कोड 4E (वाइड-बॉडी सक्षम)
यात्री क्षमता सीमित 6 मिलियन (प्रारंभिक) $\rightarrow$ 40 मिलियन (भविष्य)
कनेक्टिविटी मुख्यतः घरेलू घरेलू और अंतरराष्ट्रीय (ME/SEA)
क्या आप जानते हैं?: इस हवाई अड्डे का रनवे विशेष रूप से बोइंग 747 को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अब तक के सबसे बड़े यात्री विमानों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यात्री शहर से भोगपुरम हवाई अड्डे तक कैसे पहुँच सकते हैं?
यात्री APSRTC एयरो एक्सप्रेस इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग कर सकते हैं, जो सिरिपुरम और गाजुवाका सहित विभिन्न शहर केंद्रों से हर 30 मिनट में चलती हैं।

प्रश्न 2: वर्तमान में किन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से कनेक्टिविटी है?
शुरुआती अंतरराष्ट्रीय परिचालन में अबू धाबी (इंडिगो के माध्यम से) और सिंगापुर (स्कूट के माध्यम से) की उड़ानें शामिल हैं।