भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने तेलंगाना सरकार की आलोचना की है कि ₹1,000 करोड़ की लागत से बने TIMS सनथनगर में केवल आउट-पेशेंट (OP) सेवाएं शुरू की गई हैं, जबकि इसे पूर्ण उपचार केंद्र होना चाहिए था।
- BRS ने TIMS सनथनगर में केवल OP नहीं, बल्कि पूर्ण IP सेवाओं की मांग की है।
- यह सुविधा ₹2,679 करोड़ की तीन सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों की योजना का हिस्सा थी।
- स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
तेलंगाना की राजनीति एक बार फिर डॉ. मर्री चन्ना रेड्डी तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MCR TIMS), सनथनगर की परिचालन स्थिति को लेकर गरमा गई है। तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उप-फ्लोर लीडर टी. हरीश राव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि इस अस्पताल को इन-पेशेंट (IP) उपचार सहित पूर्ण सेवाओं के साथ शुरू करने के बजाय केवल आउट-पेशेंट (OP) सेवाओं तक सीमित रखा गया है।
श्री राव ने सोमवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ₹1,000 करोड़ के निवेश से विकसित एक स्वास्थ्य सुविधा को केवल OP सेवाओं तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि केवल अस्पताल का नाम बदलने से इस तथ्य में बदलाव नहीं आएगा कि इसकी योजना किसने बनाई और इसका निर्माण किसने कराया। BRS का आरोप है कि वर्तमान सरकार उन कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र बांटकर श्रेय ले रही है जिनका चयन BRS शासन के दौरान हुआ था, और इसी तरह TIMS के उद्घाटन को अपनी मेहनत बताकर प्रचारित किया जा रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद चिकित्सा रसद (logistics) से अधिक तेलंगाना के राजनीतिक विमर्श में 'विरासत' (legacy) की लड़ाई है। IP सेवाओं को प्रतिबंधित करके, वर्तमान प्रशासन शायद प्रशासनिक बाधाओं का सामना कर रहा है, लेकिन BRS के लिए, यह गरीबों से किए गए 'सुपर-स्पेशलिटी' वादे को पूरा करने में विफलता है। 1,000 बिस्तरों की क्षमता से सीमित सेवाओं तक का बदलाव हैदराबाद के शहरी गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में एक बड़ा अंतर पैदा करता है।
एक अरब रुपये की सुविधा में इन-पेशेंट सेवाओं को शुरू करने में विफलता, बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रशासनिक तैयारी के बीच एक गंभीर अंतर को दर्शाती है।
ऐतिहासिक रूप से, इन अस्पतालों की कल्पना पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने की थी। योजना शहर के तीन हिस्सों—अलवल, सनथनगर और एल.बी. नगर में तीन सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने की थी, ताकि गरीबों को कॉर्पोरेट स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। ₹2,679 करोड़ की लागत वाले ये प्रोजेक्ट BRS सरकार के पद छोड़ने तक लगभग पूरे हो चुके थे। हालांकि, कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद उद्घाटन की तारीखों और समयसीमा में कई बार बदलाव किया गया।
सनथनगर के अलावा, BRS ने वारंगल में एक मल्टी-सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और NIMS में 2,000 बिस्तरों वाले ब्लॉक सहित अन्य लंबित परियोजनाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। विपक्ष का दावा है कि इन देरी के पीछे राजनीतिक मंशा है ताकि पिछली सरकार की उपलब्धियों को कम किया जा सके।
| परियोजना | नियोजित क्षमता | निवेश/दायरा | वर्तमान स्थिति (BRS के अनुसार) |
|---|---|---|---|
| TIMS सनथनगर | 1,000 बिस्तर | ₹1,000 करोड़ | केवल OP सेवाएं उपलब्ध |
| TIMS अलवल/LB नगर | प्रत्येक 1,000 बिस्तर | कुल ₹2,679 करोड़ का हिस्सा | उद्घाटन में देरी |
| NIMS ब्लॉक | 2,000 बिस्तर | सुपर स्पेशलिटी | कार्यान्वयन में देरी |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: BRS, TIMS सनथनगर के उद्घाटन का विरोध क्यों कर रहा है?
BRS का विरोध इसलिए है क्योंकि अस्पताल केवल आउट-पेशेंट सेवाएं दे रहा है, जबकि इसे इन-पेशेंट (IP) सुविधाओं के साथ एक पूर्ण सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में डिजाइन किया गया था।
प्रश्न 2: तीन नियोजित TIMS अस्पतालों की कुल लागत क्या थी?
अलवल, सनथनगर और एल.बी. नगर के तीन अस्पतालों का निर्माण कुल ₹2,679 करोड़ के निवेश से किया गया था।