भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने नई दिल्ली, मुंबई और हावड़ा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी, पंखों और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी उजागर की है। रिपोर्ट के अनुसार, 89% से अधिक सर्वेक्षण किए गए स्टेशनों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।
- नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, हावड़ा और सियालदह जैसे NSG-1 श्रेणी के स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी।
- सर्वेक्षण किए गए 512 स्टेशनों में से 89% पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (MEA) का अभाव पाया गया।
- पीने के पानी के नल, पंखे, वॉटर कूलर और साइनबोर्ड की उपलब्धता में गंभीर खामियां।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने एक हालिया ऑडिट रिपोर्ट में भारतीय रेलवे के प्रमुख नॉन-सबअर्बन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और स्वच्छता की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'भारतीय रेलवे के नॉन-सबअर्बन रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं और स्वच्छता' है, में 2019-20 से 2023-24 की अवधि के दौरान सुविधाओं की उपलब्धता और उनके रखरखाव की जांच की गई।
ऑडिट में पाया गया कि NSG-1 श्रेणी के स्टेशन, जो 500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करते हैं या जहां 2 करोड़ से अधिक यात्री आते हैं, वहां भी बुनियादी सुविधाओं का संकट है। रिपोर्ट के अनुसार, 12 स्टेशनों पर पीने के पानी के नलों की कमी थी, जबकि 8 स्टेशनों पर पंखे और वॉटर कूलर अपर्याप्त पाए गए। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), हावड़ा, सियालदह और नई दिल्ली जैसे प्रीमियम टर्मिनल शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रेलवे बोर्ड द्वारा 1952 से और विशेष रूप से अप्रैल 2018 में निर्धारित कड़े मानदंडों के बावजूद, कार्यान्वयन में भारी विफलता रही है। जब देश के सबसे बड़े और सबसे अधिक राजस्व वाले स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो छोटे स्टेशनों की स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। यह न केवल यात्रियों के अनुभव को प्रभावित करता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों का भी उल्लंघन है।
"बुनियादी सुविधाओं का अभाव केवल प्रबंधन की विफलता नहीं है, बल्कि यह यात्री सुरक्षा और गरिमा के साथ एक समझौता है।"
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, सभी स्टेशनों पर 'न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं' (MEA) उपलब्ध होनी चाहिए थीं। इन सुविधाओं में पीने का पानी, प्रतीक्षा हॉल, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म शेल्टर, मूत्रालय, शौचालय, उच्च-स्तरीय प्लेटफॉर्म, पंखे, फुट ओवरब्रिज, कूड़ेदान, घड़ियां और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली शामिल हैं।
| सुविधा (Amenity) | प्रभावित प्रमुख स्टेशन (Examples) |
|---|---|
| पीने के पानी के नल | नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, हावड़ा, सियालदह |
| पंखे और कूलर | नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, हावड़ा, पटना जंक्शन |
| शौचालय/मूत्रालय | CSMT, ठाणे, चेन्नई एग्मोर |
| साइनबोर्ड/संकेत | हावड़ा, हजरत निजामुद्दीन, चेन्नई सेंट्रल |
सर्वेक्षण के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि 512 स्टेशनों में से केवल 54 स्टेशनों (11% से कम) पर ही सभी निर्धारित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसका अर्थ है कि 458 स्टेशनों पर या तो सुविधाएं पूरी तरह अनुपस्थित थीं या निर्धारित मानकों से काफी नीचे थीं। यह भारतीय रेलवे के भीतर एक प्रणालीगत विफलता को दर्शाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: NSG-1 श्रेणी के स्टेशन क्या होते हैं?
उत्तर: ये वे स्टेशन हैं जिनकी वार्षिक कमाई 500 करोड़ रुपये से अधिक है या जहां से प्रति वर्ष 2 करोड़ से अधिक यात्री यात्रा करते हैं।
प्रश्न 2: CAG रिपोर्ट में किन मुख्य कमियों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर: मुख्य रूप से पीने के पानी, पंखों, वॉटर कूलर, शौचालयों, बैठने की व्यवस्था और साइनबोर्ड की कमी का उल्लेख किया गया है।