दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.7 लाख लोगों के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं होंगे। चुनाव आयोग ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली है और अंतिम सूची 27 अक्टूबर को जारी होगी।
- 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.4 लाख के फॉर्म डिजिटाइज किए गए।
- 47.7 लाख मतदाता 'ASDDO' श्रेणी में डालकर ड्राफ्ट रोल से बाहर किए गए।
- ड्राफ्ट रोल 24 अगस्त को प्रकाशित होगा; दावे और आपत्तियां 23 सितंबर तक दर्ज की जा सकेंगी।
- अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण समाप्त हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 67% यानी 97.4 लाख फॉर्मों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। इन मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट रोल में दिखाई देंगे।
हालांकि, चिंता का विषय यह है कि शेष 47.7 लाख मतदाताओं को 'Absent, Shifted, Dead, Duplicate and Others' (ASDDO) श्रेणी में रखा गया है। ये वे लोग हैं जिनके फॉर्म एकत्र नहीं किए जा सके। इन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं होंगे और यदि उन्होंने समय रहते सुधार नहीं कराया, तो 27 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से उनके नाम स्थायी रूप से हट सकते हैं।
क्यों हो रही है इतनी बड़ी संख्या में कटौती?
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की उच्च प्रवासी आबादी (Migrant Population) के कारण मतदाताओं की संख्या में 20-30% की कमी आने की उम्मीद थी। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजधानी में लोगों के लगातार पते बदलने और बाहरी राज्यों में शिफ्ट होने के कारण एक बड़ा हिस्सा 'शिफ्टेड' श्रेणी में चला गया है।
"बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) की ऐप एक्सेस समाप्त होने के साथ ही डेटा प्रविष्टि का चरण पूरा हो गया है; अब केवल सत्यापन और आपत्तियों का दौर बचेगा।"
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, लगभग 33 लाख मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक पेश करना होगा। इसमें वे 19 लाख मतदाता भी शामिल हैं जिनके डेटा में 'विसंगतियां' (Anomalies) पाई गई हैं।
AI का उपयोग और विसंगतियां
चुनाव आयोग ने डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक AI-आधारित सिस्टम का उपयोग किया है। इस सिस्टम ने मुख्य रूप से चार तरह की गलतियों को पकड़ा है: एक ही माता-पिता से जुड़े कई बच्चे, माता-पिता और बच्चे के बीच 15 वर्ष से कम का आयु अंतर, नामों में विसंगतियां और उपनामों में अंतर। सबसे अधिक विसंगतियां उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पाई गई हैं, जहां प्राप्त फॉर्मों में से 70% (3 लाख) को फ्लैग किया गया है।
| श्रेणी | संख्या (लगभग) | स्थिति |
|---|---|---|
| डिजिटाइज्ड वोटर | 97.4 लाख | ड्राफ्ट रोल में शामिल |
| ASDDO श्रेणी | 47.7 लाख | ड्राफ्ट रोल से बाहर |
| सत्यापन आवश्यक | 33 लाख | दस्तावेज जमा करने होंगे |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: यदि मेरा नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं है तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आप 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
प्रश्न 2: अंतिम मतदाता सूची कब आएगी?
उत्तर: अंतिम रोल 27 अक्टूबर को प्रकाशित किया जाएगा।