भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और CSIR-राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) ने अंडमान ज्वालामुखी आर्क में क्रेटर वाले समुद्री पर्वतों के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- GSI और CSIR-NIO ने संयुक्त गहरे समुद्र अनुसंधान के लिए औपचारिक MoU पर हस्ताक्षर किए।
- मिशन का लक्ष्य अंडमान ज्वालामुखी आर्क के भीतर क्रेटर वाले समुद्री पर्वतों (Seamounts) का अध्ययन करना है।
- उच्च-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग और नमूना लेने के लिए उन्नत रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) तैनात किए जाएंगे।
गहरे समुद्र के रहस्यों को उजागर करने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाते हुए, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और CSIR-राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) ने एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी अंडमान ज्वालामुखी आर्क में स्थित क्रेटर वाले समुद्री पर्वतों के अन्वेषण पर केंद्रित एक संयुक्त अभियान की सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है।
इस अभियान में अत्याधुनिक रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROV) का उपयोग किया जाएगा, जो वैज्ञानिकों को उन गहराइयों पर समुद्र तल का निरीक्षण करने की अनुमति देते हैं जहाँ मानव गोताखोर नहीं पहुँच सकते। ये वाहन हाई-डेफिनिशन कैमरों और रोबोटिक भुजाओं से लैस हैं, जो समुद्र तल से सटीक भूवैज्ञानिक नमूने एकत्र करने में सक्षम हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह सहयोग केवल एक वैज्ञानिक अभ्यास नहीं है, बल्कि भारत की समुद्री डोमेन जागरूकता और संसाधन क्षमता को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंडमान ज्वालामुखी आर्क प्लेट टेक्टोनिक्स और ज्वालामुखी गतिविधि के अध्ययन के लिए एक प्रमुख स्थान है, जिसका सीधा प्रभाव भूकंपीय घटनाओं की भविष्यवाणी और हिंद महासागर के तल के विकास को समझने पर पड़ता है।
GSI की भूवैज्ञानिक विशेषज्ञता और NIO की समुद्र विज्ञान तकनीक का एकीकरण भारत-प्रशांत क्षेत्र में गहरे समुद्र की खोज के लिए एक शक्तिशाली आधार तैयार करता है।
ऐतिहासिक रूप से, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को एक अस्थिर ज्वालामुखी श्रृंखला के रूप में पहचाना गया है। हालांकि, गहरे समुद्र की अधिकांश स्थलाकृति अभी भी अज्ञात है। इन क्रेटर वाले पर्वतों का मानचित्रण करके, शोधकर्ता मैग्मा की रासायनिक संरचना और अंतिम विस्फोटों के समय की पहचान करने का लक्ष्य रखते हैं।
इस संयुक्त मिशन में जटिल रसद समन्वय शामिल होगा, जिसमें चुनौतीपूर्ण धाराओं में ROV संचालन का समर्थन करने वाले अनुसंधान जहाजों को तैनात किया जाएगा। एकत्र किए गए डेटा को दोनों संस्थानों के बीच साझा किया जाएगा ताकि पृथ्वी विज्ञान के प्रति एक बहु-विषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ROV क्या है?
रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) एक मानवरहित, अत्यधिक गतिशील अंडरवाटर रोबोट है जिसे सतह के जहाज पर मौजूद चालक दल द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
अंडमान ज्वालामुखी आर्क क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यूरेशियन प्लेट के नीचे इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट के सबडक्शन का अध्ययन करने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो ज्वालामुखी और भूकंपीय गतिविधियों को जन्म देता है।