बंगाल की खाड़ी में बने एक डिप्रेशन के प्रभाव से केरल में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है, जिसके चलते चार जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

  • 18 अगस्त के लिए कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम और कोट्टायम में येलो अलर्ट जारी।
  • पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में बने डिप्रेशन से मौसम में बदलाव।
  • अगले चार दिनों तक केरल और लक्षद्वीप में बारिश की संभावना।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घोषणा की है कि पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े दक्षिण-पश्चिम मानसून में फिर से तेजी आने वाली है। केरल में बारिश की इस वापसी का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय एक मौसम प्रणाली है, जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखा जाएगा।

सोमवार को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के सटे इलाकों में एक डिप्रेशन (अवसाद) में बदल गया है। अनुमान है कि यह प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंगा पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार से गुजरेगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि हालांकि यह डिप्रेशन उत्तर भारत की ओर केंद्रित है, लेकिन इसके प्रभाव से केरल और लक्षद्वीप के निचले क्षोभमंडल (troposphere) में हल्की से मध्यम पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी। यह वायुमंडलीय बदलाव शुष्क अवधि के बाद क्षेत्र में भूजल स्तर को बनाए रखने और कृषि चक्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बंगाल की खाड़ी के दूरस्थ डिप्रेशन और स्थानीय क्षोभमंडलीय हवाओं के बीच का तालमेल अक्सर दक्षिणी प्रायद्वीप में मानसून की दूसरी लहर की तीव्रता को निर्धारित करता है।

मंगलवार, 18 अगस्त के लिए, IMD ने विशेष रूप से चार जिलों: कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम और कोट्टायम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में छिटपुट भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल के मानसून पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। जून में शुरू होने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून अक्सर 'ब्रेक' का अनुभव करता है, जहाँ बारिश काफी कम हो जाती है। बंगाल की खाड़ी की प्रणालियों के माध्यम से बारिश का पुनरुद्धार एक सामान्य घटना है, जो मानसून के मध्य चरण के दौरान सूखे जैसी स्थितियों को रोकने में मदद करती है।

क्या आप जानते हैं?: केरल आमतौर पर भारत का पहला राज्य होता है जहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन होता है, जो पूरे उपमहाद्वीप के लिए वर्षा ऋतु के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: किन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है?
येलो अलर्ट कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम और कोट्टायम जिलों के लिए सक्रिय है।

प्रश्न 2: बारिश में वृद्धि का कारण क्या है?
तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के कारण हवाओं के पैटर्न में बदलाव आया है, जिससे बारिश बढ़ रही है।