केरल लोकायुक्त ने सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले पुलों और पुलियाओं पर लगे अवैध पाइपों और टेलीकॉम केबलों को तीन महीने के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। यह आदेश पैदल यात्रियों की सुरक्षा और पुलों की प्रभावी चौड़ाई बहाल करने के लिए दिया गया है।
- PWD को तीन महीने के भीतर सभी अनधिकृत पाइप, क्लैंप और केबल हटाने का आदेश।
- पैदल पथ की निर्धारित चौड़ाई को बहाल करना अनिवार्य।
- भविष्य में किसी भी इंस्टॉलेशन के लिए सक्षम सड़क प्राधिकरण से मंजूरी लेना आवश्यक।
- रोड सेफ्टी कमिश्नर द्वारा सुधार कार्यों का स्वतंत्र सत्यापन किया जाएगा।
केरल लोकायुक्त की एक डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस एन. अनिलकुमार और उपा लोकायुक्त जस्टिस अशोक मेनन शामिल थे, ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता (पुल) को एक सख्त निर्देश जारी किया है। अदालत ने आदेश दिया है कि राज्य के सभी पुलों और पुलियाओं से उन सभी अनधिकृत और खतरनाक यूटिलिटी इंस्टॉलेशन को हटाया जाए जो पैदल यात्रियों के रास्तों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
यह कानूनी कार्रवाई कोझिकोड के रवि उलेयरी द्वारा दायर एक याचिका के बाद हुई है। याचिकाकर्ता ने मुद्दा उठाया था कि जल आपूर्ति और दूरसंचार के लिए बिछाई गई धातु की पाइपें और केबल न केवल पुलों की प्रभावी चौड़ाई को कम कर रहे हैं, बल्कि बाहर निकले हुए क्लैंप, ब्रैकेट और सहायक ढांचे सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल बुनियादी ढांचे के प्रबंधन का नहीं है, बल्कि शहरी नियोजन में समन्वय की कमी को दर्शाता है। जब विभिन्न सेवा प्रदाता बिना किसी उचित योजना के सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग करते हैं, तो यह सीधे तौर पर नागरिक सुरक्षा से समझौता करता है। यह आदेश भविष्य में 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) नियमों के सख्त कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
"सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का अनियोजित उपयोग न केवल सौंदर्यशास्त्र को बिगाड़ता है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में पैदल यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।"
लोकायुक्त के निर्देश पर रोड सेफ्टी कमिश्नर द्वारा कराई गई एक जांच में कोझिकोड जिले के कई पुलों पर इन शिकायतों की पुष्टि हुई है। अदालत ने अब PWD को निर्देश दिया है कि वह विभिन्न सेवा प्रदाताओं के साथ संयुक्त निरीक्षण करे और इन केबलों को या तो स्थानांतरित करे या उन्हें तकनीकी रूप से संभव होने पर पैदल पथ के नीचे दबाए।
इसके अलावा, लोकायुक्त ने पुलों के संरचनात्मक दोषों, जैसे टूटी हुई रेलिंग, जंग लगे क्लैंप और खराब स्ट्रीटलाइट इंस्टॉलेशन को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया है। विभाग को एक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) पेश करनी होगी, जिसमें किए गए सुधारों के फोटोग्राफिक प्रमाण शामिल होंगे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लोकायुक्त ने PWD को कितना समय दिया है?
उत्तर: लोकायुक्त ने सभी अनधिकृत इंस्टॉलेशन को हटाने और सुधार कार्य पूरा करने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की है।
प्रश्न 2: भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तर: अब सभी यूटिलिटी प्रदाताओं को किसी भी नए पाइपलाइन या केबल इंस्टॉलेशन से पहले सक्षम सड़क-स्वामित्व प्राधिकरण से औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।