बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) मल्लेश्वरम के पुराने फूल बाजार के पुनर्विकास कार्य को पूरा कर चुका है और अब इसे ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) को सौंपने की तैयारी में है। 2014 से विस्थापित 192 विक्रेताओं के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है।

  • मल्लेश्वरम फ्लावर मार्केट का पुनर्विकास कार्य पूरा, BDA अब GBA को दुकानें सौंपेगा।
  • 2014 में विस्थापित हुए 192 मूल विक्रेताओं को उनकी दुकानें वापस मिलेंगी।
  • परियोजना में G+5 इमारत और मल्टी-लेवल कार पार्किंग की सुविधा शामिल है।
  • एक निजी कंपनी DBFOT मॉडल के तहत 30 वर्षों के लिए संचालन और रखरखाव संभालेगी।

बेंगलुरु के प्रसिद्ध मल्लेश्वरम फूल बाजार के पुनर्विकास की लंबी प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) ने इमारत का ढांचा तैयार कर लिया है और अब वह इसके संचालन और रखरखाव के लिए एक रियायत समझौते (Concessionaire Agreement) को अंतिम रूप दे रहा है। इस परियोजना के तहत, ग्राउंड फ्लोर पर स्थित 192 दुकानों को ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) को सौंपा जाएगा, ताकि पात्र विक्रेताओं को उनके स्थान वापस मिल सकें।

यह मामला 2014 का है जब संपिगे रोड स्थित पुराने फूल बाजार को ध्वस्त किया गया था। उस समय 192 विक्रेताओं को विस्थापित किया गया था, जिनके पास अपनी दुकानों के वैध दस्तावेज थे। पिछले 12 वर्षों से ये विक्रेता फुटपाथों पर अपना व्यवसाय चलाने को मजबूर थे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई पुराने दुकानदारों ने इस लंबी प्रतीक्षा के दौरान दम तोड़ दिया या व्यापार बंद कर दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह शहरी नियोजन की विफलताओं और प्रशासनिक देरी का एक उदाहरण है। 12 साल का विलंब यह दर्शाता है कि कैसे सार्वजनिक परियोजनाओं में समन्वय की कमी छोटे व्यापारियों के जीवन को प्रभावित करती है। अब, DBFOT मॉडल के माध्यम से निजी भागीदारी लाकर BDA राजस्व वृद्धि और आधुनिक प्रबंधन का लक्ष्य रख रहा है।

"शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं में समयबद्धता अनिवार्य है; 12 साल का विलंब न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह नागरिक विश्वास का हनन भी है।"

परियोजना की तकनीकी चुनौतियों की बात करें तो BDA अधिकारियों के अनुसार, साइट सौंपने में देरी, कोविड-19 महामारी, नेशनल बिल्डिंग कोड में बदलाव और नींव के दौरान कठोर चट्टानों का मिलना मुख्य कारण थे। अब तैयार इमारत में G+5 मंजिलें हैं, जिसमें ऊपरी और निचले बेसमेंट में 235 कारों की पार्किंग क्षमता है।

BDA ने एक निजी कंपनी का चयन किया है जो सालाना ₹2.7 करोड़ का भुगतान करेगी। यह कंपनी अगले 30 वर्षों तक (जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया जा सकता है) ऊपरी पांच मंजिलों का डिजाइन, निर्माण और प्रबंधन करेगी। इसके अतिरिक्त, ₹20 करोड़ की लागत से एक अलग मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) बनाने की योजना है, जिसमें 288 अतिरिक्त वाहन खड़े किए जा सकेंगे।

विशेषता पुरानी स्थिति (2014 पूर्व) नई स्थिति (पुनर्विकास के बाद)
दुकानों की संख्या 192 (परंपरागत) 192 (आधुनिक G+5 भवन)
पार्किंग सुविधा न्यूनतम/सड़क किनारे बेसमेंट (235) + प्रस्तावित MLCP (288)
प्रबंधन स्थानीय/नगर निकाय DBFOT मॉडल (निजी रियायतग्राही)
क्या आप जानते हैं?: DBFOT का अर्थ 'डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर' है, जहाँ एक निजी कंपनी परियोजना का वित्तपोषण और संचालन करती है और बाद में इसे सरकार को सौंप देती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सभी पुराने विक्रेताओं को दुकानें मिलेंगी?
उत्तर: BDA ने GBA से अनुरोध किया है कि वे केवल उन्हीं विक्रेताओं को दुकानें आवंटित करें जिन्हें वे 'जेनुइन' (वास्तविक) पहचानेंगे।

प्रश्न 2: निजी कंपनी का इस प्रोजेक्ट में क्या रोल है?
उत्तर: कंपनी ऊपरी पांच मंजिलों का आंतरिक डिजाइन करेगी, उन्हें किराए पर देगी और पूरे भवन का रखरखाव करेगी, जिसके बदले वह BDA को वार्षिक शुल्क देगी।