मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश ने मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती की पारदर्शिता का बचाव किया है। उन्होंने विपक्ष पर 'हिट-एंड-रन' राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्हें विधानसभा में बहस के लिए चुनौती दी है।
- मेगा डीएससी-2025 के तहत 16,347 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई।
- भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, योग्यता-आधारित और कानूनी रूप से वैध बताया गया।
- नारा लोकेश ने 3.36 लाख उम्मीदवारों और 5.77 लाख आवेदनों का विस्तृत विवरण साझा किया।
- सरकार ने भविष्य में और अधिक मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करने का वादा किया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को राज्य विधानसभा में मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती के किसी भी चरण में अधिसूचना से कोई विचलन नहीं हुआ है और सभी विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। नायडू ने YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष सदन के बाहर आरोप लगाकर 'हिट-एंड-रन' की राजनीति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे बहस के लिए एक निश्चित तिथि और समय तय करें। उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP के सदस्य पिछले ढाई वर्षों से विधानसभा से दूर रहे हैं, लेकिन वे अभी भी वेतन और विधायी विशेषाधिकारों का आनंद ले रहे हैं। नायडू ने जोर देकर कहा कि वह जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह रहेंगे और यह जनता तय करेगी कि आरोप लगाने वालों का आचरण कैसा है।
भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण
आईटी और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने विधानसभा में भर्ती प्रक्रिया का व्यापक ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि कुल 16,347 शिक्षक पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके लिए 3,36,300 उम्मीदवारों ने कुल 5,77,675 आवेदन जमा किए। पूरी प्रक्रिया मात्र 148 दिनों के भीतर पूरी की गई, जिसके बाद प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद 16,291 उम्मीदवारों को कॉल लेटर जारी किए गए।
लोकेश ने बताया कि परीक्षाएं आंध्र प्रदेश के 154 केंद्रों और राज्य के बाहर 19 केंद्रों पर आयोजित की गईं। कदाचार रोकने के लिए आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण, एन्क्रिप्टेड डेटा ट्रांसमिशन, सीसीटीवी निगरानी और भौतिक निरीक्षण जैसे कड़े उपाय अपनाए गए। साथ ही, 13 विषयों में 42,000 प्रश्नों का एक विशाल प्रश्न बैंक तैयार किया गया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह विवाद केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंध्र प्रदेश में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे राजनीतिक अविश्वास को दर्शाता है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का दावा करके सरकार अपनी प्रशासनिक क्षमता सिद्ध करना चाहती है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
"तकनीकी सुरक्षा उपायों और रैंडमाइजेशन का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि पेपर लीक की संभावनाएं न्यूनतम हों, जिससे मेरिट का संरक्षण होता है।"
आरक्षणों पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री लोकेश ने कहा कि सरकार ने संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पालन किया है। खेल कोटे के संबंध में उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त खेल विधाओं की संख्या 29 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है। पेपर लीक के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि रैंडमाइजेशन सिस्टम के कारण सभी उम्मीदवारों को एक जैसा पेपर मिलना असंभव था।
| विवरण | आंकड़े/तथ्य |
|---|---|
| कुल अधिसूचित पद | 16,347 |
| कुल आवेदन | 5,77,675 |
| परीक्षा केंद्र (कुल) | 173 (154 राज्य के भीतर + 19 बाहर) |
| प्रश्न बैंक का आकार | 42,000 प्रश्न |
अंत में, नारा लोकेश ने घोषणा की कि इस वर्ष लगभग 3,000 पदों के लिए एक नई अधिसूचना सहित तीन और डीएससी भर्तियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी वास्तविक अनियमितता का सबूत मिलता है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
Frequently Asked Questions
1. क्या मेगा डीएससी-2025 में पेपर लीक हुआ था?
सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, क्योंकि रैंडमाइजेशन सिस्टम और बड़े प्रश्न बैंक के कारण सभी को एक जैसा पेपर मिलना संभव नहीं था।
2. खेल कोटे के तहत कितने उम्मीदवारों का चयन हुआ?
खेल कोटे के तहत कुल 372 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिसमें विभिन्न श्रेणियों (OC, BC, SC, ST) का प्रतिनिधित्व शामिल है।