कर्नाटक में विशेष गहन संशोधन (SIR) के गणना चरण के समाप्त होने के बाद, 1.08 करोड़ से अधिक मतदाताओं को ASDDO श्रेणी में रखा गया है, जिससे वे आगामी ड्राफ्ट रोल से बाहर हो सकते हैं।

  • 1.08 करोड़ से अधिक मतदाता 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत और अन्य' (ASDDO) श्रेणी में हैं।
  • बेंगलुरु, कलबुरगी, मैसूरु और रायचूर जैसे शहरों में मतदाताओं की बड़ी संख्या प्रभावित।
  • 24 अगस्त को ड्राफ्ट चुनावी रोल प्रकाशित होगा; दावे और आपत्तियां 23 सितंबर तक दर्ज की जा सकती हैं।

राज्य में विशेष गहन संशोधन (SIR) 2026 के गणना चरण का सोमवार को समापन हो गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1.08 करोड़ से अधिक मतदाता अब ASDDO (Absent, Shifted, Duplicate, Dead, and Others) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि ये मतदाता 24 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट चुनावी रोल में शामिल नहीं होंगे।

आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 5 अगस्त को यह संख्या 1.11 करोड़ थी, जो अब घटकर 1.08 करोड़ रह गई है। हालांकि, यह गिरावट सभी श्रेणियों में समान नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि 'मृत' के रूप में चिह्नित मतदाताओं की संख्या 16.30 लाख से बढ़कर 16.38 लाख हो गई है, जबकि 'डुप्लिकेट' प्रविष्टियों की संख्या 6.89 लाख से बढ़कर 7.07 लाख हो गई है।

प्रभावित क्षेत्र और विसंगतियां

बेंगलुरु के कई निर्वाचन क्षेत्रों जैसे दसरहल्ली, विजयनगर, बीटीएम लेआउट, बोम्मनहल्ली और सी.वी. रमन नगर में आधे से अधिक मतदाता ASDDO श्रेणी में हैं। यह समस्या केवल राजधानी तक सीमित नहीं है; कलबुरगी, मैसूरु और रायचूर में भी स्थिति गंभीर है। विशेष रूप से गृह मंत्री प्रियंक खड़गे के निर्वाचन क्षेत्र चित्तपुर (कलबुरगी) में 22.13% मतदाता इस श्रेणी में हैं, जबकि वहां मैपिंग दर 99.73% थी।

मतदाता सूचियों का यह व्यापक शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक है, लेकिन कार्यान्वयन में त्रुटियां वास्तविक मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित कर सकती हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं है, बल्कि चुनावी पारदर्शिता का प्रश्न है। जब लाखों मतदाताओं को बिना उचित सत्यापन के 'अनुपस्थित' या 'मृत' घोषित कर दिया जाता है, तो यह मतदान प्रतिशत और चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) पर आरोप लगे हैं कि वे नामों को हटाने के बजाय केवल एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में स्थानांतरित कर रहे हैं।

बेंगलुरु में ASDDO संख्या में आई गिरावट का मुख्य कारण वहां की जागरूकता है। अन्य जिलों में, कई मतदाता इस बात से अनजान हैं कि उनके नाम इस सूची में डाल दिए गए हैं, जिससे वहां सुधार की दर धीमी रही है।

क्या आप जानते हैं?: ASDDO एक तकनीकी शब्दावली है जिसका उपयोग चुनाव आयोग उन प्रविष्टियों को चिह्नित करने के लिए करता है जिन्हें अंतिम मतदाता सूची से हटाने या संशोधित करने की आवश्यकता होती है।

महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया

चरणमहत्वपूर्ण तिथि
ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन24 अगस्त 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि23 सितंबर 2026
आपत्तियों का निपटारा22 अक्टूबर 2026 तक

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मेरा नाम ASDDO सूची में है तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आपको 24 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद 23 सितंबर तक संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास दावा या आपत्ति दर्ज करनी होगी।

प्रश्न 2: ASDDO का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: इसका पूर्ण रूप Absent, Shifted, Duplicate, Dead, and Others है।