दक्षिण रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए सेतु और चेन्दुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी कोच पेश करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव अक्टूबर माह से प्रभावी होगा।

  • सेतु और चेन्दुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस अब आधुनिक LHB कोचों से लैस होंगी।
  • अक्टूबर 2026 से नए कोचों का संचालन शुरू होगा।
  • सुरक्षा मानकों में सुधार और यात्री आराम में वृद्धि मुख्य लक्ष्य है।

दक्षिण रेलवे ने अपने नेटवर्क पर यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने घोषणा की है कि दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों—सेतु सुपरफास्ट एक्सप्रेस और चेन्दुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस—को अब आधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोचों में परिवर्तित किया जाएगा। यह पहल न केवल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगी, बल्कि दुर्घटनाओं की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को भी काफी हद तक बढ़ाएगी।

विस्तृत समय सारणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 22661/22662 (चेन्नई एग्मोर – रामेश्वरम – चेन्नई एग्मोर) सेतु सुपरफास्ट एक्सप्रेस 22 अक्टूबर से चेन्नई एग्मोर से और 19 अक्टूबर से रामेश्वरम से एलएचबी कोचों के साथ चलेगी। इसी तरह, ट्रेन संख्या 20605/20606 (चेन्नई एग्मोर – तिरुचेन्दुर – चेन्नई एग्मोर) चेन्दुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 20 अक्टूबर से चेन्नई एग्मोर से और 21 अक्टूबर से तिरुचेन्दुर से नए कोचों के साथ संचालित होगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों से एलएचबी कोचों की ओर संक्रमण भारतीय रेलवे की व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। एलएचबी कोच 'एंटी-टेलिस्कोपिक' होते हैं, जिसका अर्थ है कि गंभीर दुर्घटना के दौरान कोच एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे जान-माल का नुकसान कम होता है। साथ ही, इनकी गति क्षमता अधिक होती है और शोर का स्तर काफी कम होता है।

एलएचबी कोचों का कार्यान्वयन केवल एक अपग्रेड नहीं है, बल्कि यह उच्च गति और शून्य-हताहत विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोचों के परिवर्तन के बाद, ट्रेनों की नई संरचना (Composition) में एक एसी फर्स्ट क्लास कोच, दो एसी 2-टियर कोच, तीन एसी 3-टियर कोच, नौ स्लीपर क्लास कोच, चार जनरल सेकंड क्लास कोच, एक दिव्यांगजन कोच और एक सामान-सह-ब्रेक वैन शामिल होगी।

विशेषतापुराने ICF कोचनए LHB कोच
सुरक्षाकम (टेलिस्कोपिंग का खतरा)उच्च (एंटी-टेलिस्कोपिक)
गति क्षमतासीमितअधिक (160 किमी/घंटा तक)
आरामऔसतबेहतर सस्पेंशन और कम शोर
क्या आप जानते हैं?: LHB कोच मूल रूप से जर्मनी की कंपनी 'लिंके होफमैन बुश' द्वारा डिजाइन किए गए थे और ये स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं, जिससे इनमें जंग नहीं लगती।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एलएचबी कोच पुराने कोचों से कैसे बेहतर हैं?
उत्तर: ये अधिक सुरक्षित हैं क्योंकि ये दुर्घटना के समय एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, और इनमें यात्रा अधिक शांत और आरामदायक होती है।

प्रश्न 2: यह बदलाव किन तारीखों से प्रभावी होगा?
उत्तर: सेतु एक्सप्रेस के लिए 19-22 अक्टूबर और चेन्दुर एक्सप्रेस के लिए 20-21 अक्टूबर से।