तेलंगाना सरकार ने धारा 22A के तहत गलत तरीके से प्रतिबंधित की गई जमीनों के मालिकों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। शिकायत दर्ज कराने के लिए 18005-994788 टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है।

  • धारा 22A के तहत गलत तरीके से प्रतिबंधित जमीनों के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन।
  • शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 18005-994788 जारी।
  • अब तक 757 आवेदन प्राप्त, जिसमें मेडचल-मलकाजगिरी से सर्वाधिक मामले।
  • अधिकारियों की गलतियों और कोर्ट आदेशों के ऑनलाइन न होने से उत्पन्न हुई समस्या।

तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे धारा 22A के तहत जमीनों के नियमितीकरण के नाम पर आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई न होने दें। यह कदम उन हजारों संपत्ति मालिकों के लिए एक बड़ी राहत है जिनकी जमीनें गलती से 'निषिद्ध सूची' (Prohibited List) में डाल दी गई थीं, जिससे वे अपनी संपत्ति को बेचने, उपहार देने या गिरवी रखने में असमर्थ थे।

धारा 22A क्या है और यह कैसे प्रभावित करती है?

पंजीकरण अधिनियम (Registration Act) की धारा 22A राज्य सरकार को विशिष्ट दस्तावेजों और भूमि हस्तांतरण को प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है। यदि किसी संपत्ति को इस सूची में डाल दिया जाता है, तो सब-रजिस्ट्रार किसी भी प्रकार के विक्रय विलेख (Sale Deed), उपहार विलेख या बंधक विलेख को पंजीकृत करने से इनकार कर सकता है। कई वास्तविक मालिकों ने पाया कि उनकी निजी संपत्तियां बिना किसी ठोस कारण के इस सूची में शामिल कर ली गई थीं, जिससे उनके संपत्ति अधिकारों का हनन हुआ।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह समस्या मुख्य रूप से प्रशासनिक लापरवाही और डिजिटल डेटा प्रबंधन की कमी का परिणाम है। जब अदालती आदेशों को समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया, तो कानूनी रूप से मुक्त संपत्तियां भी सरकारी रिकॉर्ड में 'प्रतिबंधित' बनी रहीं। यह न केवल व्यक्तिगत वित्तीय नुकसान है, बल्कि राज्य के रियल एस्टेट बाजार में विश्वास की कमी भी पैदा करता है।

"प्रशासनिक त्रुटियों के कारण निजी संपत्ति अधिकारों का बाधित होना गंभीर है; डिजिटल सुधार ही इसका स्थायी समाधान है।"

वर्तमान स्थिति और आंकड़ों का विश्लेषण

राजस्व विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक नियमितीकरण के लिए कुल 757 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे अधिक मामले मेडचल-मलकाजगिरी जिले से आए हैं।

जिला प्राप्त आवेदनों की संख्या
मेडचल-मलकाजगिरी 511
रंगारेड्डी 146
हैदराबाद 49
संगारेड्डी 38

मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग अब इन आवेदनों की समीक्षा कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तविक मालिकों की संपत्तियों को जल्द से जल्द इस सूची से हटाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि केवल एक आवेदन जमा करने से समस्या का समाधान हो जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: धारा 22A का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों की अवैध बिक्री को रोकना है, लेकिन डेटा त्रुटियों के कारण अक्सर निजी जमीनों को भी इसमें शामिल कर लिया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मेरी संपत्ति धारा 22A के तहत प्रतिबंधित है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आप टोल-फ्री नंबर 18005-994788 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या संबंधित राजस्व अधिकारियों के पास नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 2: यह समस्या क्यों उत्पन्न हुई?
उत्तर: राजस्व मंत्री के अनुसार, यह मुख्य रूप से अधिकारियों की गलतियों और अदालती निर्देशों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट न करने के कारण हुआ।