तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 2026 के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की है, लेकिन गणना चरण में त्रुटियों के कारण लाखों मतदाताओं के नाम कटने का डर है।
- तेलंगाना के सीईओ द्वारा 2026 के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर प्रकाशित।
- गणना चरण में गड़बड़ियों के कारण लगभग 94 लाख मतदाता प्रभावित।
- ग्रेटर हैदराबाद में गंभीर स्थिति, 43 लाख मतदाता ASDD सूची में शामिल।
- कार्यकर्ताओं ने ड्राफ्ट प्रकाशन से पहले सुधार के लिए 15 दिनों के विस्तार की मांग की है।
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने 2026 चक्र के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। हालांकि यह लोकतांत्रिक अखंडता को बनाए रखने के लिए एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन इस बार यह रिलीज "खराब" गणना चरण के आरोपों से घिर गई है। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य भर के लगभग 94 लाख मतदाताओं के पंजीकरण में त्रुटियां हो सकती हैं, जिससे वे सुधार के लिए 119 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) पर निर्भर हैं।
यह स्थिति ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में विशेष रूप से गंभीर है। आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 43 लाख मतदाताओं को ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) सूची में डाल दिया गया है। यह वर्गीकरण प्रभावी रूप से इन मतदाताओं को हटाने के लिए चिह्नित करता है, जब तक कि वे अपनी पात्रता साबित नहीं कर देते, जो शहरी आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए मताधिकार खोने का संकट पैदा करता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि इन त्रुटियों का पैमाना जमीनी स्तर की सत्यापन प्रक्रिया में एक प्रणालीगत विफलता का संकेत देता है। जब बिना कठोर सत्यापन के लाखों मतदाताओं को ASDD सूची में स्थानांतरित कर दिया जाता है, तो यह भविष्य के चुनावों की वैधता को खतरे में डालता है। शिकायतों के इतने बड़े बोझ को संभालने के लिए सीमित EROs पर निर्भरता प्रशासनिक बाधाओं का कारण बन सकती है।
"मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की आधारशिला है; गणना में कोई भी प्रणालीगत त्रुटि बड़े पैमाने पर मतदाता दमन का कारण बन सकती है।"
ऐतिहासिक रूप से, विशेष गहन संशोधन (SIR) का उद्देश्य मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से हटाकर उसे साफ करना होता है। हालांकि, कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों का वर्तमान आक्रोश प्रशासनिक लक्ष्यों और जमीनी कार्यान्वयन के बीच की खाई को उजागर करता है। कार्यकर्ताओं ने औपचारिक रूप से 15 दिनों के विस्तार की मांग की है ताकि नागरिक अंतिम प्रकाशन से पहले अपने नाम सत्यापित कर सकें।
अब प्रशासनिक चुनौती उन 119 EROs की है जिन्हें दावों और आपत्तियों के पहाड़ को संभालना होगा। यदि इस प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ नहीं किया गया, तो 2026 की सूचियों को अदालतों में चुनौती दी जा सकती है, जिससे चुनावी कैलेंडर में देरी हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यदि कोई मतदाता ASDD सूची में है तो इसका क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि मतदाता को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट के रूप में चिह्नित किया गया है, और उनका नाम सूची से हटाया जा सकता है जब तक कि दावा पेश न किया जाए।
प्रश्न 2: नागरिक ड्राफ्ट रोल में अपनी स्थिति कैसे जांच सकते हैं?
नागरिक सीईओ तेलंगाना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से या अपने संबंधित ईआरओ कार्यालयों में जाकर अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं।