तिरुचि फोर्ट स्टेशन के पास नए ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी आई है और साइट पर स्टील गर्डर्स पहुंच चुके हैं। तिरुचि कॉर्पोरेशन और दक्षिणी रेलवे का लक्ष्य जनवरी तक इस परियोजना को पूरा कर यातायात बहाल करना है।

  • साइट पर 30 मीटर लंबे आठ विशाल कंपोजिट स्टील गर्डर्स पहुंचाए गए हैं।
  • यह ₹44 करोड़ की परियोजना तिरुचि कॉर्पोरेशन और दक्षिणी रेलवे के बीच 50:50 लागत साझाकरण पर आधारित है।
  • रेलवे हिस्से के नवंबर तक और पूरी परियोजना के जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।

तिरुचि के फोर्ट रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज का निर्माण, जो लंबे समय से देरी का सामना कर रहा था, अब गति पकड़ चुका है। दक्षिणी रेलवे निर्माण संगठन द्वारा साइट पर कंपोजिट गर्डर्स लाए जाने के बाद काम में तेजी आई है। इस परियोजना के कारण पिछले काफी समय से स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

₹44 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को तिरुचि कॉर्पोरेशन और दक्षिणी रेलवे निर्माण संगठन द्वारा संयुक्त रूप से निष्पादित किया जा रहा है। मई 2025 में, रेलवे ने ब्रिटिश काल के पुराने पुल को ध्वस्त कर दिया था ताकि वहां एक आधुनिक संरचना का निर्माण किया जा सके। अब, 150 साल पुराने उस पुल के हटने के एक साल बाद, काम में वास्तविक तेजी देखी जा रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि इस परियोजना में देरी ने तिरुचि की शहरी गतिशीलता (Urban Mobility) को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले दो वर्षों से वाहनों को करूर बाईपास और थेन्नूर ओवरब्रिज की ओर मोड़ने से उन रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इस पुल का पूरा होना न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि शहर के ट्रैफिक संतुलन को भी बहाल करेगा।

तकनीकी विवरण की बात करें तो, पुल के वोरायुर (Woraiyur) की ओर ट्रेस्टल बीम का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि मेन गार्ड गेट की ओर का काम अंतिम चरण में है। दक्षिणी रेलवे मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद इन गर्डर्स को कंक्रीट पियर्स पर रखा जाएगा, जिसके बाद डेक स्लैब कंक्रीटिंग में लगभग एक महीना लगेगा।

कंपोजिट स्टील गर्डर्स का उपयोग पुल को अधिक मजबूती और लचीलापन प्रदान करता है, जिससे यह भविष्य के भारी ट्रैफिक लोड को सहने में सक्षम होगा।

तिरुचि सिटी कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि रिटेनिंग वॉल का काम पूरा होने वाला है। इसके बाद दोनों तरफ अप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। निगम को अपने हिस्से का काम पूरा करने के लिए कम से कम तीन महीने का समय चाहिए, जिससे उम्मीद है कि नया ओवरब्रिज जनवरी तक जनता के लिए खुल जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: पुराना पुल 150 साल से अधिक पुराना था और ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग का एक नमूना था, जिसे मई 2025 में ध्वस्त किया गया था।
विशेषता पुराना पुल (ब्रिटिश युग) नया ओवरब्रिज
काल/युग 150+ वर्ष (औपनिवेशिक) आधुनिक (2026)
सामग्री पारंपरिक चिनाई/लोहा कंपोजिट स्टील गर्डर्स
क्षमता सीमित/जर्जर उच्च क्षमता आधुनिक ट्रैफिक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इस परियोजना में इतनी देरी क्यों हुई?
मई 2025 में पुराने पुल के ढहाए जाने के बाद प्रशासनिक और लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण रेलवे सेक्शन में प्रगति धीमी रही।

प्रश्न 2: वर्तमान में ट्रैफिक के लिए किन वैकल्पिक रास्तों का उपयोग किया जा रहा है?
वाहन वर्तमान में करूर बाईपास और थेन्नूर ओवरब्रिज के माध्यम से डायवर्ट किए जा रहे हैं।